नेपाल में लंबे समय से जारी विदेशी रोजगार ठगी के संकट पर अब वास्तविक असर दिखाई देने लगा है। खोज समाचार द्वारा शुरू किए गए अभियान के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना है। हालांकि सरकार की हालिया कार्रवाइयों से कुछ प्रगति जरूर दिखाई दी है, लेकिन मूल समस्या अब भी पूरी तरह हल नहीं हुई है।
यह पूरा घटनाक्रम वास्तविक पीड़ितों के मामलों को सामने लाने, जनदबाव बढ़ाने और संरचनात्मक सुधारों की मांग उठाने के बाद शुरू हुआ।
25 मार्च : डिजिटल शिकायत प्रणाली शुरू
25 मार्च को खोज समाचार ने विदेशी रोजगार ठगी के पीड़ितों और विदेश में फंसे नेपाली कामगारों की शिकायत दर्ज करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया।
पूरा रिपोर्ट :
Foreign Job Fraud Reporting System
इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज कर सके। अब तक 260 से ज्यादा लोगों ने अपने मामले दर्ज कराए हैं, जिससे आर्थिक ठगी, झूठे वादों और विदेश में फंसे कामगारों की स्थिति की गंभीरता सामने आई है।
1 अप्रैल : सरकार से कार्रवाई की मांग को लेकर अभियान शुरू
प्रारंभिक तथ्य सामने आने के बाद खोज समाचार ने 1 अप्रैल को सरकार से विदेशी रोजगार ठगी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग करते हुए सार्वजनिक अभियान शुरू किया।
अभियान रिपोर्ट :
Campaign for Government Action
अभियान में कहा गया कि हजारों नेपाली प्रभावित होने के बावजूद यह मुद्दा सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
जनसमर्थन ने बढ़ाया दबाव
अभियान को सोशल मीडिया पर व्यापक जनसमर्थन मिला।
- फेसबुक पर 10,600 से ज्यादा शेयर
- 81,000 से ज्यादा रिएक्शन
- 10 लाख से ज्यादा वीडियो व्यू
अभियान का एक वीडियो यहां देखा जा सकता है :
Facebook Video Link
इस स्तर की भागीदारी ने दिखाया कि यह समस्या बड़ी संख्या में नेपाली परिवारों से जुड़ी हुई है और इसने राष्ट्रीय बहस को और तेज कर दिया।
2 अप्रैल : अतिरिक्त सुधार प्रस्ताव पेश
2 अप्रैल को अभियान को पारदर्शिता आधारित दीर्घकालिक सुधार प्रस्ताव के साथ आगे बढ़ाया गया।
प्रस्ताव विवरण :
Manpower Rating System Proposal
इस प्रस्ताव में मैनपावर एजेंसियों का मूल्यांकन उनके प्रदर्शन, शिकायतों और उपभोक्ता अनुभव के आधार पर करने वाली डिजिटल प्रणाली का सुझाव दिया गया।
सरकारी प्रतिक्रिया : शुरुआती कदम उठाए गए
लगातार बढ़ते दबाव के बाद सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
सरकारी कार्रवाई रिपोर्ट :
Foreign Employment Fraud List Published
- वैदेशिक रोजगार विभाग ने ठगी में शामिल 550 लोगों की सूची सार्वजनिक की
- अब मेडिकल जांच निजी संस्थानों के बजाय सरकारी अस्पतालों में भी कराई जा सकती है
- लेबर अप्रूवल प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और उसी दिन मंजूरी देने की व्यवस्था शुरू हुई है
- शिकायत संबंधी डेटा नियमित रूप से सार्वजनिक करने का निर्णय लिया गया है
इन कदमों से संकेत मिला है कि यह मुद्दा अब नीति स्तर पर भी ध्यान पाने लगा है।
अभियान का असर : पहली बड़ी उपलब्धि
खोज समाचार द्वारा शुरू किया गया अभियान अपनी पहली बड़ी उपलब्धि तक पहुंच चुका है। लगातार जनदबाव के बाद संबंधित निकायों ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना शुरू किया है।
हालांकि अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि अब तक हुए सुधार पर्याप्त नहीं हैं।
मुख्य मांगें अब भी बाकी
अभियान के अनुसार अब तक केवल लगभग 1 प्रतिशत मांगों पर ही कार्रवाई हुई है, जबकि बाकी 99 प्रतिशत मांगें अब भी लंबित हैं।
अभियान अब भी निम्न मांगों को लेकर दबाव बना रहा है :
- विदेशी रोजगार ठगी की जांच के लिए शक्तिशाली विशेष जांच टीम का गठन
- विदेश में फंसे नेपाली कामगारों के बचाव के लिए रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स
- तेज न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कानूनी प्रक्रिया
- सभी मैनपावर एजेंसियों की पारदर्शी डिजिटल सूची प्रणाली
- मैनपावर सेवाओं के लिए सार्वजनिक समीक्षा और रेटिंग प्रणाली
अभियान समर्थकों का कहना है कि इन संरचनात्मक सुधारों के बिना ठगी का जोखिम बना रहेगा और कामगार असुरक्षित स्थिति में ही रहेंगे।
क्यों अब भी गंभीर है यह समस्या ?
विदेशी रोजगार आज भी बड़ी संख्या में नेपाली परिवारों की मजबूरी बना हुआ है। इसी कारण कामगार ठगी और शोषण के ज्यादा जोखिम में हैं।
हालांकि हालिया प्रगति महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन बड़ी संख्या में पीड़ित अब भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं और व्यवस्था की कई कमजोरियां अब भी कायम हैं।
अभियान अभी जारी है
खोज समाचार का यह अभियान अब भी जारी है और आगे के सुधारों के लिए लगातार जनदबाव को जरूरी बताया जा रहा है।
शुरुआती प्रगति जरूर हुई है, लेकिन विदेशी रोजगार ठगी को पूरी तरह नियंत्रित करने का लक्ष्य अब भी काफी दूर माना जा रहा है।