उत्तरी चिली में सोमवार को तेज भूकंप आया, जिसके बाद कई इलाकों में लोग घरों, दुकानों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। झटके इतने तेज थे कि कुछ देर के लिए कई शहरों में अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया।
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण संस्था के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.9 मापी गई। इसका केंद्र अटाकामा रेगिस्तानी इलाके में था। बताया गया कि भूकंप कालामा शहर से करीब 31 किलोमीटर दूर और जमीन से लगभग 100 किलोमीटर नीचे आया।
भूकंप के झटके अरिका, तारापाका, एंटोफगास्ता और अटाकामा समेत कई उत्तरी इलाकों में महसूस किए गए। स्थानीय टीवी चैनलों पर दिखाई गई तस्वीरों में दुकानों के सामान गिरते नजर आए, जबकि लोग तेजी से खुले स्थानों की तरफ भागते दिखे।
कई इलाकों में लोग कुछ देर तक सड़कों और मैदानों में खड़े रहे। लोगों को आफ्टरशॉक का डर भी बना रहा।
बड़े नुकसान की खबर नहीं
चिली की राष्ट्रीय आपदा रोकथाम और प्रतिक्रिया सेवा ने कहा कि सोमवार शाम तक किसी बड़े नुकसान या गंभीर घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई थी।
भूकंप के बाद राहत और आपदा टीमें अलग-अलग इलाकों में हालात का जायजा लेती रहीं। इमारतों और सार्वजनिक ढांचे की जांच भी शुरू की गई।
अधिकारियों का मानना है कि भूकंप काफी गहराई में आने की वजह से बड़े पैमाने पर तबाही नहीं हुई।
भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है चिली
चिली दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में गिना जाता है। यह इलाका पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में आता है, जहां अक्सर तेज भूकंप आते रहते हैं।
यहां नाज़्का प्लेट, साउथ अमेरिकन प्लेट और अंटार्कटिक प्लेट लगातार सक्रिय रहती हैं। इसी वजह से चिली में बार-बार भूकंप महसूस किए जाते हैं।
साल 1960 में चिली के वाल्डिविया शहर में 9.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसे अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जाता है। उस भूकंप के बाद आई सुनामी में हजारों लोगों की जान गई थी।
इसके बाद 2010 में भी चिली में 8.8 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया था। उस दौरान आई सुनामी में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।