अजयमेरु के 7 परिवारों को मिला लालपुर्जा
डडेलधुरा जिले की अजयमेरु ग्रामीण पालिका-2 में रहने वाले सात अव्यवस्थित बसोबासी परिवारों को आखिरकार अपने नाम की जमीन का मालिकाना प्रमाण मिल गया है। लंबे समय से उसी जमीन पर रहने के बावजूद उनके पास कानूनी स्वामित्व नहीं था। अब लालपुर्जा मिलने के बाद उनकी जमीन सरकारी रिकॉर्ड में भी दर्ज हो गई है।
जिला भूमि समस्या समाधान समिति, डडेलधुरा ने आयोजित एक कार्यक्रम में संबंधित परिवारों को जमीन का स्वामित्व प्रमाणपत्र सौंपा। इसके साथ ही इन परिवारों को अपनी जमीन पर कानूनी अधिकार मिल गया है।
सरकारी सेवाओं तक पहुंच होगी आसान
लालपुर्जा मिलने के बाद अब ये परिवार बैंक से ऋण लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और जमीन से जुड़े अन्य कानूनी काम आसानी से कर सकेंगे। अब तक कानूनी दस्तावेज न होने के कारण उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
भूमि संबंधी पुराने विवाद सुलझाने पर जोर
सरकार भूमिहीन दलित, भूमिहीन सुकुम्बासी और अव्यवस्थित बसोबासी परिवारों की भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही है। इसी अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में वास्तविक रूप से बसे परिवारों को कानूनी स्वामित्व देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। डडेलधुरा भी इसी अभियान का हिस्सा है।
सरकार का कहना है कि देशभर में वर्षों से लंबित भूमि संबंधी समस्याओं का चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जा रहा है और पात्र परिवारों को लालपुर्जा वितरण की रफ्तार बढ़ाई गई है।
इस पहल से उन परिवारों को स्थायी बसोबास का कानूनी आधार मिल रहा है जो लंबे समय से बिना आधिकारिक स्वामित्व के रह रहे थे। माना जा रहा है कि इससे उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी पहले से अधिक मजबूत होगी।
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