रवि के भारत दौरे पर हर्क साम्पाङ का तंज, बोले- लिपुलेख मुद्दा भी उठाइए

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राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सभापति रवि लामिछाने के भारत दौरे को लेकर नेपाल की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष और सांसद हर्क साम्पाङ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रवि लामिछाने पर तंज कसते हुए उनसे भारत में लिपुलेख–लिम्पियाधुरा मुद्दा उठाने की बात कही है।

हर्क साम्पाङ ने फेसबुक पर लिखा, “रवि लामिछाने जी, अब जब आप भारत जा ही रहे हैं तो उनसे लिपुलेख और लिम्पियाधुरा वापस करने की बात भी जरूर कीजिए। “जब आप पत्रकार थे तब इस मुद्दे पर खूब आवाज उठाते थे।”

उनकी यह पोस्ट कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। कई लोगों ने इसे रवि लामिछाने की पुरानी राष्ट्रवादी छवि पर सीधा व्यंग्य माना, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि भारत–नेपाल सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर अब बड़े राजनीतिक नेताओं से साफ सार्वजनिक रुख की अपेक्षा बढ़ रही है।

रवि लामिछाने 2 जून को दो दिन के भारत दौरे पर नई दिल्ली जाने की तैयारी में हैं। यह यात्रा भारत के विदेश मंत्रालय और भारतीय जनता पार्टी के निमंत्रण पर तय की गई है।

नेपाल में इस दौरे को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब मौजूदा सरकार के दौरान नेपाल–भारत राजनीतिक संवाद पहले की तुलना में धीमा दिख रहा है।

दिल्ली प्रवास के दौरान रवि लामिछाने की भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संभावित मुलाकात को लेकर भी चर्चा तेज है। हालांकि भारतीय पक्ष की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दिल्ली में कई बड़ी मुलाकातों की चर्चा

भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रवि लामिछाने की भारत यात्रा के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की तैयारी चल रही है।

  • विदेश मंत्री एस जयशंकर
  • राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल
  • विदेश सचिव विक्रम मिस्री

बताया जा रहा है कि रवि लामिछाने के साथ उनकी पत्नी, निजी सचिव और राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के सांसद विपिन कुमार आचार्य तथा दीपक बोहोरा भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहेंगे।

दिल्ली कार्यक्रम खत्म होने के बाद अयोध्या जाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।

फिर चर्चा में आया लिपुलेख मुद्दा

हर्क साम्पाङ की टिप्पणी के बाद लिपुलेख–लिम्पियाधुरा विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।

नेपाल में यह मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील माना जाता है। भारत के साथ किसी बड़े राजनीतिक संवाद या उच्चस्तरीय दौरे के दौरान यह सवाल बार-बार उठता रहा है।

इस बार भी रवि लामिछाने की भारत यात्रा के साथ इस मुद्दे को सीधे जोड़कर देखा जा रहा है।

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यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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