बिजली बिल पर कल से 5% वैट, 50 यूनिट तक छूट पर फैसला बाकी

Read this article also in : English

नेपाल में कल यानी 16 जुलाई से बिजली के बिल पर पहली बार वैट लगने जा रहा है। लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कितनी यूनिट तक की खपत वैट से मुक्त रहेगी, इस पर सरकार का अंतिम फैसला अभी नहीं आया है।

बजट में सरकार ने ऐलान किया था कि महीने में 50 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खपत पर 5 प्रतिशत वैट देना होगा। यानी पहले 50 यूनिट तक की बिलिंग वैट-मुक्त रहेगी, उसके बाद की खपत पर ही टैक्स जुड़ेगा।

लेकिन इस फैसले की आलोचना होने के बाद सरकार अब वैट-मुक्त सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है। वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले का कहना है कि आम उपभोक्ता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। उनके मुताबिक करीब 95 प्रतिशत नेपाली उपभोक्ताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

वित्त मंत्रालय के अनुसार आंतरिक राजस्व विभाग ने बिजली बिल पर वैट लागू करने की गाइडलाइन तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दी है। सीमा 50 यूनिट पर ही रखी जाए, बढ़ाई जाए, या टैक्स लगाने का तरीका ही बदला जाए — इस पर अधिकारियों के मुताबिक आज शाम तक फैसला हो सकता है।

अगर आज कोई नया फैसला सार्वजनिक नहीं होता, तो बजट में तय पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी – यानी पहले 50 यूनिट टैक्स-फ्री, बाकी खपत पर 5 प्रतिशत वैट।

50 यूनिट पार होते ही पूरे बिल पर टैक्स नहीं

यहां एक बात साफ समझनी जरूरी है। कोई उपभोक्ता 50 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके पूरे बिल पर वैट लगेगा। पहले 50 यूनिट की बिलिंग हमेशा वैट-मुक्त रहेगी, सिर्फ उससे ऊपर की खपत पर टैक्स जुड़ेगा।

जैसे अगर किसी घर में महीने में 100 यूनिट बिजली खर्च हुई, तो पहले 50 यूनिट पर कोई वैट नहीं लगेगा। बाकी बचे 50 यूनिट की बिलिंग पर ही 5 प्रतिशत की दर से वैट जोड़ा जाएगा।

एक उदाहरण से समझें – अगर बेसिक बिजली बिल 835 रुपये बनता है, तो पहले 50 यूनिट के 360 रुपये पर वैट नहीं लगेगा। बाकी 50 यूनिट के 475 रुपये पर 5 प्रतिशत के हिसाब से 23.75 रुपये वैट जुड़ेगा। इस तरह कुल बिल 858.75 रुपये बनेगा। हां, अगर सरकार वैट-मुक्त सीमा बढ़ाती है, तो यही हिसाब नई सीमा के ऊपर की खपत पर ही लागू होगा।

आधे से ज्यादा उपभोक्ताओं पर असर नहीं

नेपाल विद्युत प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में करीब 56 लाख 40 हजार घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 30 लाख 34 हजार यानी 53.79 प्रतिशत उपभोक्ता महीने में 50 यूनिट या उससे कम बिजली खर्च करते हैं।

अगर मौजूदा 50 यूनिट की सीमा बनी रहती है, तो इन उपभोक्ताओं पर नए वैट का कोई असर नहीं पड़ेगा। बाकी करीब 26 लाख 6 हजार घरेलू उपभोक्ता, जो 51 यूनिट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं, वैट के दायरे में आएंगे – लेकिन उनके भी पूरे बिल पर नहीं, सिर्फ सीमा से ऊपर की खपत पर ही टैक्स लगेगा।

अगर सरकार सीमा बढ़ाकर ज्यादा उपभोक्ताओं को टैक्स से बाहर रखने का फैसला करती है, तो टैक्स के दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं की संख्या और घट जाएगी।

उद्योग और व्यवसायों पर 13 प्रतिशत वैट

औद्योगिक, व्यावसायिक और अन्य गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर कल से 13 प्रतिशत वैट लागू होगा।

जो उद्योग या व्यवसाय पहले से वैट में रजिस्टर्ड हैं, वे बिजली खरीदते वक्त चुकाए गए वैट को अपने उत्पाद या सेवा बेचते वक्त वसूले गए वैट के साथ समायोजित कर सकेंगे। इसे इनपुट टैक्स क्रेडिट कहा जाता है।

लेकिन स्कूल, अस्पताल, पानी की आपूर्ति करने वाली संस्थाएं और वैट में रजिस्टर्ड न होने वाले गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह 13 प्रतिशत वैट सीधा अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है।

बिलिंग सिस्टम में बदलाव जारी

नई टैक्स व्यवस्था लागू करने के लिए नेपाल विद्युत प्राधिकरण अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर और टैक्स सिस्टम में बदलाव कर रहा है। यह सिस्टम अब घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को अलग पहचानेगा, महीने की खपत के हिसाब से अपने आप वैट की गणना करेगा।

प्राधिकरण खुद भी वैट में रजिस्टर्ड हो चुका है। कल से जारी होने वाले बिलों में बिजली शुल्क और वैट की रकम अलग-अलग दिखाई जाएगी, ऐसी तैयारी की जा रही है।

फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए वैट-मुक्त सीमा कितनी रहेगी, यह सवाल आज शाम तक तय होना बाकी है। अगर सरकार नया फैसला नहीं लेती, तो बजट में घोषित 50 यूनिट की सीमा ही लागू रहेगी। सीमा में बदलाव हुआ तो प्राधिकरण को अपना बिलिंग सिस्टम भी नए हिसाब से समायोजित करना होगा।

DISCLAIMER +

यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

Google Add as preferred on Google