महाराष्ट्र में iPhone विवाद में तीन की मौत
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद इसकी वजह को लेकर नई बात सामने आई है। शुरुआत में घटना को iPhone की किस्त और घर में हुए विवाद से जोड़कर देखा गया था। अब मृतक परिवार की एक करीबी रिश्तेदार ने इस दावे को ‘अफवाह’ बताया है।
21 अगस्त को तिसगांव इलाके के खावड़ा पहाड़ पर कुनाल चंदगुडे, उनके पिता मुरलीधर चंदगुडे और मां संगीता चंदगुडे की मौत हुई थी। घटना के बाद ऐसी खबरें सामने आईं कि कुनाल किस्त पर खरीदे गए iPhone की EMI नहीं चुका पा रहे थे और इसी बात को लेकर परिवार में विवाद हुआ था।
लेकिन संगीता की बहन पल्लवी पाटिल का कहना है कि पूरी घटना को सिर्फ iPhone और EMI से जोड़ना सही नहीं है।
अंतिम संस्कार के बाद बहन ने उठाए सवाल
परिवार के तीन सदस्यों के अंतिम संस्कार के बाद पल्लवी पाटिल ने एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया। उस समय वह अस्थियां लेकर घर लौट रही थीं।
पाटिल ने कहा कि उनका परिवार किस दर्द और किन परिस्थितियों से गुजर रहा था, इसका अंदाजा बाहर के लोग नहीं लगा सकते। उन्होंने iPhone को लेकर चल रही बातों को ‘अफवाह’ कहा और सवाल उठाया कि ऐसी बातें करने वालों को परिवार की वास्तविक स्थिति के बारे में कितना पता है।
उनकी प्रतिक्रिया इसलिए अहम है क्योंकि घटना के तुरंत बाद मोबाइल फोन की किस्त को इस त्रासदी की मुख्य वजह की तरह पेश किया जाने लगा था।
अब सामने आ रही दूसरी जानकारियां बताती हैं कि मामला इतना सीधा नहीं था।
एक साल पहले भी इसी पहाड़ पर पहुंचे थे कुनाल
कुनाल के पिछले व्यवहार से जुड़ी एक अहम जानकारी भी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल भी इसी पहाड़ से जान देने की कोशिश की थी।
उस समय पुलिस और बचावकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित वापस उतार लिया था।
यह पुरानी घटना मौजूदा मामले को समझने में महत्वपूर्ण है। इससे यह सवाल उठता है कि 21 अगस्त को जो कुछ हुआ, उसकी पृष्ठभूमि सिर्फ उस दिन का पारिवारिक विवाद था या कुनाल पहले से किसी गंभीर मानसिक और भावनात्मक परेशानी से गुजर रहे थे।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी से इसका निश्चित जवाब नहीं मिलता।
सुबह पहाड़ पर पहुंचे, दोपहर तक चला बचाव अभियान
21 अगस्त को घर में विवाद के बाद कुनाल सुबह करीब 10 बजे पहाड़ की ओर चले गए थे। वह खड़ी चट्टान के किनारे तक पहुंच गए।
सूचना मिलने पर पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। नीचे सुरक्षा जाल लगाने की कोशिश भी की गई। लेकिन कुनाल चट्टान के किनारे लगातार जगह बदल रहे थे, जिससे उन्हें सुरक्षित निकालना मुश्किल हो रहा था।
शुरुआत में पिता मुरलीधर नीचे से ही बेटे को समझाने की कोशिश करते रहे। बाद में वह खुद पहाड़ पर चढ़ गए और कुनाल के पास पहुंचने में कामयाब हुए।
दोपहर करीब एक बजे स्थिति अचानक बिगड़ गई।
मुरलीधर ने बेटे को पकड़कर सुरक्षित जगह की ओर लाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों चट्टान से नीचे गिर गए। वे करीब 250 फीट गहरी खाई में जा गिरे। पिता और बेटे, दोनों की मौत हो गई।
पति और बेटे को गिरते देखा, फिर संगीता की भी मौत
संगीता ने अपने सामने पति और बेटे को खाई में गिरते देखा था। कुछ समय बाद वह भी चट्टान से नीचे गिर गईं। उनकी भी जान नहीं बच सकी।
इसके बाद पुलिस ने तीनों शवों को खाई से बाहर निकाला और जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
एक ही परिवार के तीन लोगों की इस तरह मौत ने इलाके को झकझोर दिया। लेकिन घटना के बाद इसकी वजह को लेकर जिस तेजी से एक कहानी सामने आई, अब उसी पर परिवार ने सवाल खड़े किए हैं।
क्या सिर्फ iPhone की EMI थी वजह?
घटना के बाद यह बात तेजी से फैली कि ‘iPhone की किस्त नहीं चुका पाने’ के कारण विवाद हुआ और फिर पूरा परिवार खत्म हो गया। परिवार की प्रतिक्रिया के बाद इसे अंतिम और तय कारण मानना मुश्किल है।
iPhone या उसकी EMI उस दिन हुए विवाद का एक हिस्सा रही हो सकती है। लेकिन अभी उपलब्ध जानकारी यह साबित नहीं करती कि यही पूरी घटना की मुख्य वजह थी।
खासकर कुनाल के पिछले साल भी इसी जगह जान देने की कोशिश करने की जानकारी मामले को दूसरी दिशा में ले जाती है।
अब अहम सवाल यह है कि परिवार के भीतर वास्तविक तनाव क्या था, 21 अगस्त को विवाद किस बात पर और किस हद तक बढ़ा, और क्या कुनाल की पिछली घटना का उस दिन की स्थिति से कोई संबंध था।
इन सवालों के स्पष्ट जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
तीन लोगों की मौत जैसी संवेदनशील घटना को किसी एक आकर्षक वजह में समेट देना आसान है, लेकिन इससे तस्वीर अधूरी भी रह सकती है। पल्लवी पाटिल की आपत्ति इसी ओर ध्यान खींचती है।
फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि iPhone की EMI से जुड़ा विवाद घटना का एक प्रसंग हो सकता है, लेकिन पूरे परिवार की इस त्रासदी का निश्चित कारण मानने के लिए अभी पर्याप्त आधार सामने नहीं आया है।
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