नेपाल लौटे 453 लोग, कुशीनगर नेटवर्क की जांच में नए खुलासे

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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से बचाकर नेपाल लाए गए 453 नेपाली नागरिकों के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नई बातें सामने आ रही हैं। नेपाल पुलिस का कहना है कि शुरुआती पड़ताल में ऐसे नेटवर्क के संकेत मिले हैं जो युवाओं को नौकरी का सपना दिखाकर भारत ले जाता था और वहां उनसे सदस्यता के नाम पर रकम वसूल की जाती थी।

करीब छह महीने की जांच के बाद नेपाल पुलिस ने भारतीय पुलिस और उत्तर प्रदेश प्रशासन के सहयोग से यह कार्रवाई की। सभी लोगों को बसों के जरिए बेलहिया सीमा नाके से नेपाल लाया गया।

रोजगार के नाम पर बुलाए गए लोग

लुम्बिनी प्रदेश पुलिस कार्यालय के अनुसार लुम्बिनी, कोशी और सुदूरपश्चिम प्रदेश के अलग-अलग जिलों से युवाओं को बेहतर नौकरी और कमाई का भरोसा देकर कुशीनगर पहुंचाया गया था।

जांच में शामिल अधिकारियों के मुताबिक वहां पहुंचने के बाद उन्हें एक कंपनी की सदस्यता लेने के लिए कहा जाता था। सदस्य बनने के लिए भारतीय मुद्रा में 7 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक लिए जाने की बात सामने आई है।

नए लोगों को जोड़ने का दबाव

पुलिस के पास पहुंची जानकारी के अनुसार सदस्य बनने वालों को बाद में दूसरे लोगों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था। उन्हें बताया जाता था कि अधिक लोगों को जोड़ने पर अतिरिक्त आमदनी और कमीशन मिलेगा।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सदस्यता शुल्क के जरिए नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा था। पुलिस अब इसकी कार्यप्रणाली और कानूनी स्थिति की विस्तार से जांच कर रही है।

पीड़ितों ने लगाए दबाव और प्रताड़ना के आरोप

बचाए गए कुछ लोगों ने बयान दिया है कि उन पर पैसे जुटाने का दबाव बनाया गया। कई लोगों को अपने परिवार से रकम मंगाने के लिए संपर्क करने को कहा गया।

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि उन्हें सीमित जगह में बड़ी संख्या में लोगों के साथ रहने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि करने और अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने में लगी है।

9 संदिग्ध हिरासत में

रुपन्देही जिले के पुलिस प्रमुख एसपी जनकबहादुर शाही के अनुसार बचाए गए लोगों में करीब 100 महिलाएं भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े संदेह के आधार पर 9 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कौन लोग सीधे तौर पर पीड़ित हैं और कौन नेटवर्क के विस्तार या अन्य गतिविधियों में भूमिका निभा रहे थे।

एक हजार से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की आशंका

पुलिस का अनुमान है कि इस नेटवर्क के संपर्क में एक हजार से अधिक नेपाली नागरिक आ चुके हो सकते हैं।

फिलहाल जांच टीम आर्थिक लेन-देन, सदस्यता शुल्क की वसूली, भर्ती प्रक्रिया और संभावित संचालकों की पहचान पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

मानव तस्करी और ठगी के पहलू से भी जांच

नेपाल पुलिस ने कहा है कि सभी लोगों का विवरण दर्ज करने और बयान लेने की प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद पीड़ितों को उनके परिवारों के जिम्मे सौंपा जाएगा और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस इस पूरे मामले की जांच मानव तस्करी, संगठित ठगी और अन्य संभावित आपराधिक धाराओं के तहत भी कर रही है।

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यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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