जेन–जी शहीद स्मारक पर ब्रेक, परियोजना भविष्य अधर में

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जेन–जी आंदोलन में जान गंवाने वाले शहीदों की स्मृति में ललितपुर के सातदोबाटो स्थित अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में शुरू किया गया स्मारक निर्माण अब ठप पड़ा है। कुछ समय पहले काम शुरू होने के बावजूद निर्माण स्थल पर फिलहाल कोई गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है, जिससे परियोजना के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

यह स्मारक भदौ 23 और 24 को हुए आंदोलन में जान गंवाने वाले 45 लोगों में से 42 शहीदों की याद में बनाया जाना था। इसका उद्देश्य केवल स्मरण तक सीमित नहीं था, बल्कि आंदोलन के इतिहास और उसमें हुए बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी था।

परियोजना को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय खेलकुद परिषद (राखेप) की 124वीं बोर्ड बैठक में जमीन उपलब्ध कराने का फैसला किया गया था। उस समय बैठक की अध्यक्षता तत्कालीन युवा तथा खेलकुद मंत्री बब्लु गुप्ता ने की थी। निर्णय के बाद स्मारक निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी।

स्मारक में क्या-क्या प्रस्तावित था?

  • 42 शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करना
  • स्मृति स्थल का निर्माण
  • आंदोलन के इतिहास को दर्शाने वाली संरचनाएं
  • नेपाली मौलिक शैली में पार्क और स्मारक क्षेत्र का विकास

योजना के अनुसार इस पूरे क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्मृति स्थल के रूप में विकसित किया जाना था। हालांकि निर्माण कार्य रुक जाने से परियोजना तय लक्ष्य के अनुरूप आगे नहीं बढ़ सकी है।

सबसे बड़ी बात यह है कि काम रुकने की वजह को लेकर अब तक कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसी कारण शहीद परिवारों, आंदोलन से जुड़े लोगों और अन्य सरोकारवालों के बीच चिंता बढ़ी है।

जिन शहीदों की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने के उद्देश्य से यह महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की गई थी, वही परियोजना अब अनिश्चितता के दौर में पहुंच गई है। संबंधित निकायों की ओर से निर्माण दोबारा कब शुरू होगा, इस पर भी कोई स्पष्ट समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।

जब तक जिम्मेदार संस्थाएं आगे की योजना स्पष्ट नहीं करतीं, सातदोबाटो का यह प्रस्तावित शहीद स्मारक अधूरे निर्माण और बढ़ती प्रतीक्षा के बीच ही खड़ा नजर आएगा।

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यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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