नेपाल-चीन रिश्तों को नई दिशा, बीजिंग में हुई अहम बातचीत

Read this article also in : English

नेपाल और चीन के बीच रिश्तों को आगे बढ़ाने की कोशिशों के बीच विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने सोमवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में सीमा प्रबंधन, व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा और आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे विषय प्रमुख रहे।

बैठक के दौरान नेपाल ने एक बार फिर साफ किया कि वह ‘एक चीन नीति’ के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नेपाली पक्ष ने कहा कि ताइवान और तिब्बत से जुड़े मुद्दों को वह चीन का आंतरिक मामला मानता है और अपनी जमीन का इस्तेमाल चीन विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा।

चीन की ओर से भी नेपाल की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन की बात दोहराई गई। वांग यी ने नेपाल को भरोसेमंद पड़ोसी और विकास सहयोगी बताते हुए सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।

रेलमार्ग और सीमा संपर्क पर विशेष चर्चा

सूत्रों के अनुसार, नेपाल ने हिमालय पार रेलमार्ग समेत ऐसे चार संपर्क गलियारों का प्रस्ताव रखा है, जिनसे उत्तरी सीमा क्षेत्रों को देश के मध्य हिस्सों से बेहतर ढंग से जोड़ा जा सके। इसके अलावा सड़क नेटवर्क, ऊर्जा प्रसारण लाइन, हवाई संपर्क और सीमा पार बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी बात हुई। चीन ने अपने विभिन्न वैश्विक विकास और सभ्यता संबंधी पहलों में नेपाल की भागीदारी को लेकर भी रुचि दिखाई।

राजनीतिक हालात और विदेश नीति भी चर्चा में

नेपाली प्रतिनिधिमंडल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि औपचारिक एजेंडे के अलावा नेपाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, पश्चिमी देशों के प्रभाव और अमेरिकी सहयोग कार्यक्रमों से जुड़े विषयों पर भी अनौपचारिक बातचीत हुई।

बताया जाता है कि चीनी पक्ष ने नेपाल की असंलग्न विदेश नीति को लेकर विशेष रुचि दिखाई और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के सवाल पर भी अपने विचार रखे।

पोखरा एयरपोर्ट मामले पर चीन की दिलचस्पी

पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण से जुड़ी एक चीनी कंपनी के खिलाफ दायर भ्रष्टाचार मामले का मुद्दा भी बातचीत में उठा। नेपाली पक्ष ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच संबंधित संस्थाओं ने स्वतंत्र रूप से की है और अदालत में दायर मुकदमे में सरकार की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है।

कृषि, तकनीक और ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

दोनों देशों ने कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल परिवर्तन, पर्यटन, रासायनिक उर्वरक, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस अन्वेषण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। पहले से हुए समझौतों और परियोजनाओं को तेजी से लागू करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की गई।

बीजिंग यात्रा के दौरान विदेश मंत्री खनाल ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के अंतरराष्ट्रीय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। इस दौरान राजनीतिक संपर्क और द्विपक्षीय सहयोग को लेकर अलग से चर्चा हुई।

चार दिन के चीन दौरे पर गए खनाल की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब नेपाल और चीन दोनों ही आर्थिक सहयोग, संपर्क परियोजनाओं और क्षेत्रीय साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश में हैं। विशेषज्ञ इस दौरे को आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देख रहे हैं।

DISCLAIMER +

यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

Google Add as preferred on Google