नेपाल में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा महंगा, नए जुर्माने का प्रस्ताव

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नेपाल सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर मोटर वाहन कानून में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। भौतिक अवसंरचना तथा परिवहन मंत्रालय ने ऐसा विधेयक तैयार किया है, जिसमें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मौजूदा व्यवस्था से कहीं अधिक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। फिलहाल यह मसौदा कानून मंत्रालय के पास विचाराधीन है।

सरकारी समाचार संस्था द राइजिङ नेपाल के अनुसार, कानून मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद इसे मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने पर विधेयक संसद की प्रक्रिया से गुजरकर कानून का रूप ले सकेगा।

अगर यह प्रस्ताव मौजूदा स्वरूप में ही पारित हो जाता है तो कुछ मामलों में जुर्माना हजारों से बढ़कर लाख रुपये तक पहुंच सकता है।

किन उल्लंघनों पर कितना जुर्माना प्रस्तावित?

प्रस्तावित विधेयक के मुताबिक, निर्धारित मानक से अधिक काले शीशे (टिंटेड ग्लास) वाले वाहन चलाते पाए जाने पर एक लाख नेपाली रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

वहीं, तय गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने या शराब पीकर ड्राइविंग करने पर 25 हजार से 50 हजार नेपाली रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है।

हालांकि गति सीमा को लेकर एक राहत भी दी गई है। यदि वाहन निर्धारित सीमा से पांच प्रतिशत तक ही अधिक गति से चल रहा है तो उस पर कार्रवाई नहीं होगी।

मसलन, किसी सड़क पर यदि अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय है तो 63 किलोमीटर प्रति घंटा तक वाहन चलाने पर जुर्माना नहीं लगेगा। इससे अधिक गति होने पर कार्रवाई की जाएगी।

पैदल चलने वालों पर भी होगी कार्रवाई

मसौदे में सिर्फ वाहन चालकों ही नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों के लिए भी सख्त नियम प्रस्तावित किए गए हैं।

  • रेड लाइट तोड़ने पर 3 हजार से 5 हजार रुपये तक जुर्माना।
  • जेब्रा क्रॉसिंग या निर्धारित स्थान के बजाय कहीं और से सड़क पार करने पर 500 रुपये जुर्माना।
  • प्रतिबंधित क्षेत्र में हॉर्न बजाने पर 500 रुपये जुर्माना।
  • सड़क पर कचरा फेंकने पर 1 हजार रुपये जुर्माना।
  • ड्राइविंग लाइसेंस, ब्लूबुक या बीमा जैसे जरूरी दस्तावेज साथ नहीं रखने पर 1 हजार रुपये जुर्माना।

मौके पर ही कट सकता है चालान

विधेयक में ट्रैफिक पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) या उससे वरिष्ठ अधिकारियों तथा परिवहन निरीक्षकों को मौके पर ही स्पॉट फाइन लगाने का अधिकार देने का भी प्रस्ताव है।

जुर्माने की राशि नागरिक एप या अन्य डिजिटल माध्यमों से जमा कराने की व्यवस्था भी इसमें शामिल की गई है।

यदि चालक तत्काल जुर्माना नहीं भरता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस, ब्लूबुक या रूट परमिट अस्थायी रूप से जब्त किया जा सकता है। भुगतान होते ही संबंधित दस्तावेज वापस करने का प्रावधान भी रखा गया है।

बार-बार गलती करने पर बढ़ेगा जुर्माना

प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति एक ही तरह का ट्रैफिक उल्लंघन दोबारा करता है तो दूसरी बार 50 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना देना होगा।

तीसरी बार और उसके बाद वही गलती दोहराने पर जुर्माना दोगुना किया जा सकता है।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल यह विधेयक कानून मंत्रालय में समीक्षा के दौर से गुजर रहा है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे मंत्रिपरिषद में भेजा जाएगा।

इसके बाद प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा में इस पर चर्चा होगी। दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून लागू हो सकेगा।

इसलिए अभी यह केवल एक प्रस्ताव है और संसदीय प्रक्रिया के दौरान इसमें बदलाव या संशोधन की संभावना बनी हुई है।

फिल्म में भी दिखी थी ऐसी व्यवस्था

ट्रैफिक नियमों पर सख्ती का ऐसा विचार दक्षिण भारतीय अभिनेता महेश बाबू की 2018 में रिलीज हुई फिल्म “Bharat Ane Nenu” में भी देखने को मिला था।

फिल्म में मुख्यमंत्री बने महेश बाबू ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने और सख्त कार्रवाई लागू करते हैं, जिसके बाद लोग नियमों का पालन करने लगते हैं।

हालांकि वह एक फिल्मी कहानी थी। नेपाल में इस तरह की व्यवस्था अब कानूनी प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ रही है। यदि प्रस्ताव कानून बनता है तो आने वाले समय में यह साफ होगा कि इससे सड़क अनुशासन बेहतर होता है या लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।

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यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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