सांसदों से सभामुख अर्याल बोले, सदन से बाहर भी है बड़ी जिम्मेदारी

Hindi News Desk
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सांसदों से सभामुख अर्याल बोले, सदन से बाहर भी है बड़ी जिम्मेदारी

संघीय संसद सचिवालय की ओर से प्रतिनिधि सभा के सांसदों के लिए शुरू किए गए दो दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम में सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सांसद की जिम्मेदारी केवल संसद की कार्यवाही में मौजूद रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता उसके काम, व्यवहार, प्रस्तुति और अनुशासन पर लगातार नजर रखती है।

सोमवार को सिंहदरबार स्थित संसद भवन में कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सभामुख ने कहा कि प्रतिनिधि सभा में बड़ी संख्या में नए सांसद हैं। ऐसे में संसदीय प्रक्रिया, कानून निर्माण और संसदीय अभ्यास को बेहतर ढंग से समझाने के लिए इस तरह का प्रशिक्षण जरूरी है।

उनका कहना था कि संसद को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अध्ययन, अनुभव और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भी साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने सांसदों से अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाने की अपील की।

सभामुख ने कहा कि जनता के प्रतिनिधि चुने जाने के बाद किसी सांसद का जीवन निजी दायरे से आगे बढ़कर सार्वजनिक जिम्मेदारी से जुड़ जाता है। इसलिए हर निर्णय और हर गतिविधि में जवाबदेही दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर कानून निर्माण, मर्यादित आचरण और प्रभावी प्रस्तुति के जरिए सांसदों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, जिससे जनता का भरोसा मजबूत बने।

उपस्थिति और समयपालन पर भी जताई नाराजगी

कार्यक्रम के दौरान सभामुख अर्याल ने सांसदों की देर से आने और कम उपस्थिति पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय का पालन संसदीय संस्कृति की बुनियाद है और प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों में भी सभी को जिम्मेदारी के साथ शामिल होना चाहिए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अभिमुखीकरण में सीखी गई बातें आगे प्रतिनिधि सभा की कार्यवाही में भी दिखाई देंगी और मतदाता भी सांसदों के कामकाज का आकलन करेंगे।

मोबाइल से दूरी बनाकर सीखने पर दिया जोर

सभामुख ने प्रशिक्षण के दौरान सांसदों से मोबाइल फोन में अधिक समय न बिताने और आपस में अनावश्यक बातचीत से बचने की भी अपील की। उनका कहना था कि समय और संसाधन खर्च कर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों से व्यावहारिक जानकारी लेकर लौटना ही उसका उद्देश्य होना चाहिए।

कार्यक्रम में संघीय संसद सचिवालय के महासचिव पद्यप्रसाद पाण्डेय ने कहा कि सांसदों को संसदीय प्रक्रिया, विधायी कार्य और संसदीय परंपराओं की बेहतर समझ देने के लिए इस दो दिवसीय अभिमुखीकरण का आयोजन किया गया है।

  • दो दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम सोमवार से सिंहदरबार स्थित संसद भवन में शुरू हुआ।
  • इसका उद्देश्य सांसदों को संसदीय प्रक्रिया, कानून निर्माण और संसदीय अभ्यास के बारे में अधिक दक्ष बनाना है।
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