जर्मनी के उत्तरी शहर स्टाडे में सोमवार को हुई गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य घायल हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना की जड़ तीन महीने की बच्ची की अभिरक्षा और मुलाकात को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद था।
पुलिस ने 45 वर्षीय जर्मन नागरिक को मुख्य संदिग्ध के तौर पर हिरासत में लिया है। उसके साथ एक महिला को भी पकड़ा गया, जो घटना के बाद उसे कार से वहां से ले जाने की कोशिश कर रही थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि महिला संदिग्ध की परिचित या रिश्तेदार हो सकती है।
मारे गए सभी लोग उस केंद्र के कर्मचारी थे, जहां माता-पिता और छोटे बच्चों को अस्थायी आश्रय दिया जाता है। मृतकों में चार महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध अपनी तीन महीने की बेटी से मुलाकात के सिलसिले में केंद्र पहुंचा था। इसी दौरान उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। बच्ची और उसकी मां इस हमले में सुरक्षित हैं।
फिलहाल संदिग्ध के खिलाफ औपचारिक गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर फैसला जांच आगे बढ़ने के बाद लिया जाएगा।
आतंकी या राजनीतिक साजिश के संकेत नहीं
जांच में अब तक किसी राजनीतिक, धार्मिक या आर्थिक मकसद के संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह मामला निजी पारिवारिक विवाद से जुड़ी हिंसा का प्रतीत होता है।
लोअर सैक्सोनी राज्य की आंतरिक मंत्री डानिएला बेरेन्स ने घटना को बेहद निर्मम बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
स्कूल और डे-केयर के पास हुई वारदात
जिस जगह गोलीबारी हुई, उसके पास एक डे-केयर सेंटर और प्राथमिक विद्यालय भी है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वहां मौजूद सभी बच्चे और कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
घटना के तुरंत बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस, एम्बुलेंस और आपातकालीन राहत दल तैनात किए गए। कुछ समय तक पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया, लेकिन अब पुलिस का कहना है कि आम लोगों के लिए कोई खतरा नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की भी अपील की है।
राष्ट्रपति और चांसलर ने जताया दुख
जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टाइनमायर ने कहा कि जिस स्थान का उद्देश्य लोगों को सुरक्षा और सहारा देना था, वहीं इस तरह की हिंसा होना बेहद दुखद है।
चांसलर फ्रिडरिख मर्ज ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
जर्मनी में हथियार रखने और इस्तेमाल को लेकर यूरोप के सबसे सख्त कानूनों में से एक लागू है। इसके बावजूद समय-समय पर सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रही हैं। स्टाडे की यह घटना हाल के वर्षों की सबसे घातक घटनाओं में गिनी जा रही है।