गणेश नेपाली की पत्नी एकमाया को मिली नागरिकता

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गणेश नेपाली की पत्नी एकमाया को मिली नागरिकता

आत्मदाह की कोशिश के बाद इलाज के दौरान जान गंवाने वाले गणेश नेपाली की पत्नी एकमाया नेपाली को आखिरकार नेपाली नागरिकता मिल गई है। गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने जिला प्रशासन कार्यालय काठमांडू पहुंचकर उन्हें नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपा।

यह दस्तावेज एकमाया के लिए सिर्फ पहचान का प्रमाण नहीं है। नागरिकता न होने की वजह से वह लंबे समय से बैंक खाता तक नहीं खोल पा रही थीं। बेटी के नाम से जरूरी आर्थिक काम आगे बढ़ाने में भी परेशानी आ रही थी।

सरकारी राहत, सामाजिक सुरक्षा और परिवार के लिए घोषित दूसरी मदद हासिल करने में भी यही सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई थी।

अब बैंक खाता और राहत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी

नागरिकता मिलने के बाद एकमाया अब अपने नाम से बैंक खाता खोल सकेंगी। सरकार या अन्य संस्थाओं से मिलने वाली सहायता सीधे और औपचारिक तरीके से उनके खाते में पहुंच सकेगी।

परिवार के मुताबिक, पहले कई लोग और संस्थाएं आर्थिक मदद करना चाहते थे, लेकिन बैंक खाता न होने से रकम जुटाने और उसका पारदर्शी हिसाब रखने में दिक्कत आ रही थी।

गणेश की मौत के बाद सरकार और परिवार के बीच नौ बिंदुओं पर सहमति हुई थी। इनमें एकमाया को उनकी योग्यता और क्षमता के आधार पर रोजगार देने की बात भी शामिल है।

इसके अलावा गणेश की बेटी की उच्च शिक्षा तक का खर्च काठमांडू महानगरपालिका उठाएगी। आश्रित परिवार को राहत और दूसरी जरूरी मदद देने का वादा भी किया गया है।

इन फैसलों को लागू करने के लिए नागरिकता, बैंक खाता और परिवार की पहचान से जुड़े सरकारी दस्तावेज जरूरी थे। एकमाया को नागरिकता मिलने के बाद अब रोजगार, राहत राशि और दूसरी सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है।

गणेश की मौत के बाद सामने आया था परिवार का संकट

मुगु के सोरु गांवपालिका-6 स्थित जमलधारा के रहने वाले गणेश नेपाली कुछ समय से भक्तपुर के कमलविनायक इलाके में रह रहे थे।

आत्मदाह की कोशिश में गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें इलाज के लिए वीर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

गणेश की मौत के बाद परिवार ने घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, आर्थिक राहत और परिवार के लंबे समय के गुजारे की व्यवस्था की मांग उठाई थी।

इसी दौरान यह बात भी सामने आई कि उनकी पत्नी के पास नागरिकता नहीं है। परिवार के बुनियादी दस्तावेज पूरे न होने से राहत और दूसरी सरकारी प्रक्रिया शुरू करना मुश्किल हो रहा था।

मामला सार्वजनिक होने के बाद संबंधित निकायों ने एकमाया की नागरिकता बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। जिला प्रशासन कार्यालय काठमांडू में आयोजित एक छोटे कार्यक्रम में गृह मंत्री गुरुङ ने उन्हें प्रमाणपत्र सौंपा।

नौ बिंदुओं की सहमति पर अभी बाकी है काम

सरकार और परिवार के बीच हुई सहमति में पूर्व न्यायाधीश की अगुवाई में स्वतंत्र जांच समिति बनाने की बात कही गई है।

घटनास्थल पर आगे की पंक्ति में तैनात महानगर पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने के लिए पत्र भेजने, परिवार को राहत देने और गणेश की पत्नी व बेटी का भविष्य सुरक्षित करने के बिंदु भी इसमें शामिल हैं।

सहमति के बाद परिवार गणेश का शव लेने और अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुआ था।

एकमाया को नागरिकता देना इस सहमति को लागू करने की दिशा में पहला जरूरी प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। लेकिन परिवार को कितनी राहत मिलेगी, रोजगार कब मिलेगा और लंबे समय की सहायता किस तरह लागू होगी, इन सवालों का व्यावहारिक जवाब अभी बाकी है।

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