सुनील लम्साल ने नागढुंगा सुरंग का उद्घाटन किया, आज से संचालन शुरू

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सुनील लम्साल ने नागढुंगा सुरंग का उद्घाटन किया, आज से संचालन शुरू

नेपाल ने सड़क बुनियादी ढांचे में एक नया कदम बढ़ाया है। लंबे इंतजार के बाद नागढुंगा सड़क सुरंग मार्ग का सोमवार को औपचारिक उद्घाटन कर दिया गया। काठमांडू घाटी में आने-जाने वाले सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल नागढुंगा पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के उद्देश्य से तैयार इस परियोजना को फिलहाल सीमित रूप में चालू किया गया है।

उद्घाटन पूर्वाधार विकास मंत्री सुनील लम्साल ने किया। इस मौके पर नेपाल में जापान के राजदूत मायदा तोरु और जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाइका) के अध्यक्ष डॉ. तानाका अकिहिको भी मौजूद रहे। यह परियोजना जापान के 0.01 प्रतिशत ब्याज वाले रियायती ऋण से तैयार की गई है।

हालांकि सुरंग का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन शुरुआती चरण में इसका इस्तेमाल केवल दमकल, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों तक सीमित रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि संचालन प्रणाली, टोल प्रबंधन और तकनीकी व्यवस्था पूरी तरह तैयार होने के बाद इसे आम लोगों के लिए भी खोल दिया जाएगा।

शिलान्यास का शिलालेख फिर लगाने की घोषणा

उद्घाटन समारोह के दौरान मंत्री सुनील लम्साल ने कहा कि परियोजना के शिलान्यास के समय लगाया गया शिलालेख खोजकर दोबारा स्थापित किया जाएगा।

तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 4 नवंबर 2019 (२०७६ कात्तिक ४) को इस परियोजना का शिलान्यास किया था। बाद में उनका नाम अंकित शिलालेख हटाए जाने को लेकर सार्वजनिक बहस हुई थी। मंत्री ने कहा कि परियोजना के पूरे इतिहास का सम्मान किया जाएगा।

करीब डेढ़ दशक पुरानी योजना

नागढुंगा सुरंग मार्ग की परिकल्पना करीब डेढ़ दशक पहले की गई थी। इसकी व्यवहार्यता का अध्ययन 2066/67 विक्रम संवत के दौरान, झलनाथ खनाल और डॉ. बाबुराम भट्टराई के नेतृत्व वाली सरकारों के समय आगे बढ़ा।

बाद में केपी शर्मा ओली ने इसका शिलान्यास किया, जबकि मुख्य सुरंग का ‘ब्रेकथ्रू’ कार्यक्रम पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ के कार्यकाल में पूरा हुआ। कई वर्षों के निर्माण कार्य के बाद अब यह परियोजना औपचारिक रूप से संचालन के चरण में पहुंची है।

नेपाल के लिए नया बुनियादी ढांचा अध्याय

मंत्री लम्साल ने कहा कि नागढुंगा परियोजना से मिले अनुभव के आधार पर देश के अन्य कठिन भौगोलिक इलाकों में भी सुरंग मार्ग विकसित करने की योजना बनाई जाएगी। उनके मुताबिक यह परियोजना आधुनिक सड़क नेटवर्क की दिशा में नेपाल के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।

सुरंग की खासियत

मुख्य सुरंग की लंबाई 2.688 किलोमीटर है। इसके साथ आपात स्थिति के लिए 2.557 किलोमीटर लंबी अलग सहायक सुरंग भी बनाई गई है। पूरी परियोजना को आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस किया गया है।

टोल शुल्क कितना होगा

सुरंग मार्ग पर वाहन श्रेणी के अनुसार शुल्क तय किया गया है।

  • कार, वैन, पिकअप, ट्रैक्टर, माइक्रोबस और अन्य हल्के वाहन: काठमांडू प्रवेश पर 65 रुपये, बाहर निकलने पर 60 रुपये।
  • मिनीबस और मिनी ट्रक/टिपर: प्रवेश पर 115 रुपये, बाहर निकलने पर 80 रुपये।
  • बस और सिंगल रियर एक्सल ट्रक: प्रवेश पर 260 रुपये, बाहर निकलने पर 200 रुपये।
  • मल्टी एक्सल ट्रक, भारी वाहन और हेवी इक्विपमेंट: प्रवेश पर 600 रुपये, बाहर निकलने पर 250 रुपये।

इन वाहनों को नहीं मिलेगी अनुमति

सुरक्षा कारणों से दोपहिया वाहन, तरल या गैस ईंधन ले जाने वाले वाहन, पशु-पक्षियों की ढुलाई करने वाले वाहन और विस्फोटक सामग्री लेकर चलने वाले वाहनों को सुरंग मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सरकार को उम्मीद है कि सुरंग के पूरी तरह चालू होने के बाद काठमांडू-नौबिसे सड़क खंड पर ट्रैफिक जाम में कमी आएगी। खासकर त्योहारों और अधिक भीड़भाड़ के समय यात्रा का समय घटेगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार देखने को मिलेगा।

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