सुनसरी में कर्फ्यू टूटा, सरकार ने जांच समिति बनाई
नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका-3 के कप्तानगंज इलाके में दो समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद अब गंभीर सुरक्षा चुनौती में बदल गया है। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने कई इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया है, लेकिन इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटनाएं थम नहीं रही हैं। इस बीच सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब रविवार रात झड़प के दौरान पुलिस की गोली लगने से 24 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में गुस्सा फैल गया और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोली लगने से नौ आम नागरिक घायल हुए हैं। इनमें एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई गई है। वहीं, नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों सहित करीब दो दर्जन लोग अलग-अलग घटनाओं में घायल हुए हैं।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन कार्यालय सुनसरी ने हरिनगरा गांवपालिका के घुस्की, भुटाहा, कप्तानगंज और देवानगंज बाजार क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया। हालांकि सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई।
प्रदर्शन के दौरान कप्तानगंज चौक पर टायर जलाए गए और नारेबाजी की गई। पुलिस के मुताबिक एक फार्मेसी, मोटरसाइकिल मरम्मत की एक दुकान और तीन किराना दुकानों में तोड़फोड़ की गई। कुछ जगहों पर दुकानों से सामान निकालकर आग भी लगा दी गई। इन घटनाओं के बाद बाजार क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा और स्थानीय लोग दहशत में रहे।
सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती
प्रशासन का कहना है कि एक समुदाय के प्रदर्शन के बाद दूसरे पक्ष के भी जुटने की सूचना मिली, जिससे नई झड़प की आशंका बढ़ गई। इसे देखते हुए नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। कोशी प्रदेश के अन्य जिलों से भी दंगा नियंत्रण बल को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है।
दूसरे इलाकों में भी दिखा असर
कप्तानगंज की घटना का असर सुनसरी के अन्य हिस्सों में भी दिखाई दिया। लौकही और फूलचोक में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया। इसके कारण पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी जांच समिति
घटना के बाद गृह मंत्रालय ने सहसचिव भुपेन्द्र थापा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर पूरी घटना की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इधर, हालात की समीक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक भी बुलाई गई। बैठक में गृहमंत्री, नेपाल पुलिस के महानिरीक्षक, सशस्त्र पुलिस बल के महानिरीक्षक समेत वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।
जिला सुरक्षा समिति ने भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने का फैसला लिया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हालात सामान्य बनाने की कोशिश जारी है, लेकिन कप्तानगंज क्षेत्र अभी भी संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
गोली चलाने की परिस्थितियां क्या थीं, हिंसा कैसे बढ़ी और इसके पीछे की पूरी वजह क्या रही, इन सभी सवालों के जवाब अब जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेंगे।
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