सुनसरी में कर्फ्यू के बीच प्रदर्शन तेज, सेना तैनात
सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका-3 स्थित कप्तानगंज में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। कर्फ्यू के बावजूद विरोध प्रदर्शन तेज होने और कई जगह हिंसा फैलने के बाद सरकार ने नेपाल सेना को भी तैनात कर दिया है। फिलहाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल संयुक्त रूप से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।
तनाव की शुरुआत उस घटना के बाद हुई, जिसमें पुलिस की गोली लगने से एक स्थानीय युवक की मौत हो गई। इसके विरोध में अलग-अलग समूह सड़क पर उतर आए। इसी बीच सरकार ने गोली चलाने की परिस्थितियों और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच शुरू करने का फैसला किया है।
बाजार में तोड़फोड़ और आगजनी
पुलिस के अनुसार कप्तानगंज बाजार में करीब 400 से 500 लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शन के दौरान टायर जलाकर विरोध किया गया और कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक एक दवा दुकान, एक मोटरसाइकिल मरम्मत गेराज और तीन किराना दुकानों को नुकसान पहुंचा। कुछ जगहों पर दुकानों से सामान बाहर निकालकर आग लगा दी गई।
बढ़ते तनाव के बीच अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
हालात बिगड़ते देख बाजार क्षेत्र में लोगों में डर का माहौल बन गया। एक समूह के प्रदर्शन के बाद दूसरे पक्ष के लोग भी इकट्ठा होने लगे, जिससे टकराव की आशंका बढ़ गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त बल भेजा।
कोशी प्रदेश के विभिन्न जिलों से दंगा नियंत्रण इकाइयों को भी कप्तानगंज बुलाया गया है ताकि स्थिति पर जल्द काबू पाया जा सके।
राजमार्ग पर भी असर
विरोध प्रदर्शन केवल कप्तानगंज तक सीमित नहीं रहा। सुनसरी के लौकही, फूलचोक समेत अन्य इलाकों में भी लोगों ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया।
इसका असर पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर भी पड़ा, जहां कई जगह यातायात बाधित हुआ। कुछ स्थानों पर पेड़ गिराकर सड़क जाम करने की भी कोशिश की गई।
एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी जांच समिति
घटना की जांच के लिए गृह मंत्रालय ने सहसचिव भूपेन्द्र थापा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर पूरी घटना पर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इधर सुनसरी की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक भी हुई। बैठक में गृहमंत्री, नेपाल पुलिस के महानिरीक्षक, सशस्त्र पुलिस बल के महानिरीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
घायलों की हालत गंभीर, गोलीबारी पर उठे सवाल
अस्पताल सूत्रों के अनुसार घटना में घायल हुए कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
इस बीच राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद लालविक्रम थापा ने दावा किया है कि अधिकांश घायलों को कमर से ऊपर गोली लगी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने अभी इस दावे पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने, कर्फ्यू का पालन करने और सुरक्षा बलों के निर्देशों का अनुसरण करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद घटना की पूरी तस्वीर और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
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