ब्रॉड पीक पर निम्स पुर्जा की तलाश जारी, क्या है ताजा अपडेट?

Hindi News Desk
Hindi News Desk
Read this article also in : English
ब्रॉड पीक पर निम्स पुर्जा की तलाश जारी, क्या है ताजा अपडेट?

पाकिस्तान के काराकोरम पर्वत क्षेत्र में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर आए बड़े हिमस्खलन के बाद नेपाली मूल के विश्वप्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुर्जा के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय टीम से संपर्क टूट गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक टीम में पुर्जा समेत 10 पर्वतारोही शामिल थे। उनके बारे में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और तलाश जारी है।

शुक्रवार सुबह आई ताजा जानकारी में हिमस्खलन प्रभावित इलाके से दो शव मिलने की खबर सामने आई है। हालांकि उनकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में यह साफ नहीं है कि दोनों शव उसी लापता दल के सदस्यों के हैं या किसी दूसरे अभियान से जुड़े पर्वतारोहियों के।

खोज अभियान जारी, मौसम बना चुनौती

ब्रॉड पीक की ऊंचाई 8,047 मीटर है। गुरुवार दोपहर यहां हिमस्खलन हुआ था। पाकिस्तान अल्पाइन क्लब के उपाध्यक्ष करार हैदरी के अनुसार हादसे के बाद से टीम से कोई संपर्क नहीं हो पाया।

खराब मौसम के कारण शुरुआत में हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके। इसके बाद बचाव दल ने पैदल रास्ते से खोज शुरू की। मौसम में कुछ सुधार आने पर शुक्रवार को उच्च हिमालयी उड़ान के लिए सक्षम हेलिकॉप्टर भी राहत अभियान में लगाए गए।

पाकिस्तानी सेना, स्थानीय बचाव दल, पर्वतारोहण संस्थाएं और सरकारी एजेंसियां मिलकर अभियान चला रही हैं।

लापता पर्वतारोहियों की संख्या पर अभी स्पष्टता नहीं

शुरुआती पाकिस्तानी जानकारी में 10 सदस्यीय दल के संपर्क से बाहर होने की बात कही गई थी। वहीं नेपाल के पर्वतारोहण क्षेत्र से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अलग-अलग कंपनियों से जुड़े करीब 10 पर्वतारोही अब भी लापता हैं।

इस वजह से प्रभावित लोगों, सुरक्षित निकाले गए पर्वतारोहियों और मृतकों की अंतिम संख्या को लेकर अभी कोई एकीकृत आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है।

टीम में कौन-कौन शामिल थे

पाकिस्तान अल्पाइन क्लब की शुरुआती सूची के अनुसार दल में निर्मल पुर्जा के साथ पांच नेपाली पर्वतारोही थे।

इसके अलावा पाकिस्तान के हुंजा निवासी सोहेल साखी, अमेरिका की ट्रैवल फोटोग्राफर मैलोरी गाइस, ओमान की नथीरा, ‘वांग’ उपनाम से पहचाने गए एक चीनी पर्वतारोही और एक अन्य विदेशी सदस्य भी अभियान का हिस्सा थे।

दल के कुछ अन्य सदस्यों के नामों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। इसलिए पूरी आधिकारिक सूची अभी सामने नहीं आई है।

हिमस्खलन कहां आया

पर्वतारोहण विषय पर नजर रखने वाली संस्था एक्सप्लोरर्सवेब के अनुसार दल बुधवार को कैंप-2 पहुंचा था। गुरुवार को कैंप-3 की ओर बढ़ने और उसके बाद शिखर प्रयास की योजना थी।

प्रारंभिक ट्रैकिंग जानकारी से संकेत मिला है कि हिमस्खलन कैंप-2 और कैंप-3 के बीच लगभग 6,660 मीटर की ऊंचाई पर आया।

कुछ ट्रैकिंग उपकरणों में पाकिस्तान समय के अनुसार सुबह करीब 9:30 बजे गतिविधि रुकने और उसके बाद उपकरण का स्थान कई सौ मीटर नीचे खिसकता दिखाई दिया। हालांकि इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

निम्स पुर्जा के ट्रैकर में हलचल, लेकिन पुष्टि नहीं

पुर्जा के साथ जुड़े पर्वतारोही और उनके व्यावसायिक सहयोगी मिंगमा ग्याबु शेर्पा ने बताया कि हादसे के बाद भी उनके ट्रैकिंग उपकरण की लोकेशन बदलती दिखाई दी।

शुरुआत में ऐसा लगा कि उपकरण हिमस्खलन के साथ नीचे बह गया। कुछ देर बाद उसमें फिर से हलचल दर्ज हुई।

हालांकि केवल ट्रैकर की गतिविधि को इस बात का प्रमाण नहीं माना जा सकता कि पुर्जा सुरक्षित हैं। यह भी संभव है कि उपकरण बर्फ के साथ खिसक गया हो। उनकी स्थिति की पुष्टि तभी होगी जब बचाव दल मौके पर पहुंचकर प्रत्यक्ष जानकारी देगा।

बताया गया है कि एक पाकिस्तानी और एक नेपाली पर्वतारोही संभावित स्थान की ओर पैदल रवाना हुए हैं। एक ट्रैकिंग संकेत पर्वत के निचले हिस्से के पास भी मिला है।

नेपाल सरकार भी संपर्क में

नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि वह पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।

मंत्री खड्गराज पौडेल ने पुर्जा समेत अन्य नेपाली पर्वतारोहियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और बचाव अभियान की हर जानकारी सीधे संबंधित एजेंसियों से ली जा रही है।

ब्रॉड पीक पर क्यों बढ़ जाता है खतरा

पाकिस्तान-चीन सीमा के पास काराकोरम पर्वतमाला में स्थित ब्रॉड पीक दुनिया के 14 आठ-हजार मीटर से ऊंचे पर्वतों में शामिल है।

यह इलाका बेहद कम ऑक्सीजन, तेज ठंड, गहरी हिम दरारों, ताजा बर्फ के जमाव और अचानक बदलते मौसम के लिए जाना जाता है। ऐसे हालात में हिमस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है और ऊंचाई पर राहत अभियान चलाना भी बेहद कठिन हो जाता है।

कौन हैं निर्मल ‘निम्स’ पुर्जा

43 वर्षीय निर्मल ‘निम्स’ पुर्जा नेपाली मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं। वह ब्रिटिश सेना, रॉयल मरीन और स्पेशल बोट सर्विस में सेवा दे चुके हैं।

साल 2019 में उन्होंने दुनिया की सभी 14 आठ-हजार मीटर से ऊंची चोटियों पर केवल 189 दिनों में चढ़ाई पूरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उनके इसी अभियान पर नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री ’14 पीक्स: नथिंग इज़ इम्पॉसिबल’ भी बनाई गई।

बताया गया है कि इस बार ब्रॉड पीक उनकी मूल योजना का हिस्सा नहीं था। बाद में अपने पर्वतारोहण रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान उन्होंने इस अभियान को भी शामिल किया।

फिलहाल क्या स्थिति है

अब तक की पुष्टि यही है कि ब्रॉड पीक पर बड़ा हिमस्खलन हुआ, निर्मल पुर्जा के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय टीम से संपर्क टूटा हुआ है और खोज-बचाव अभियान लगातार जारी है।

दो शव मिलने की सूचना जरूर सामने आई है, लेकिन उनकी पहचान अभी तक नहीं हुई है।

इसी तरह ट्रैकर में दिखाई दी हलचल को भी अंतिम संकेत नहीं माना जा सकता। लापता पर्वतारोहियों की वास्तविक स्थिति का पता तभी चलेगा जब बचाव दल घटनास्थल तक पहुंचकर आधिकारिक जानकारी जारी करेगा।

DISCLAIMER
DISCLAIMER +

यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।