सिंहदरबार में दलों का सवाल– सरकार कहां है?
सुनसरी में हाल के तनावपूर्ण घटनाक्रम को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐसे संवेदनशील समय में सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था संभालना काफी नहीं है, बल्कि सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर भरोसे का माहौल बनाना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
बुधवार को सिंहदरबार में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के सभापति रवि लामिछाने की पहल पर सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें शामिल नेताओं ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री से तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने और साझा राजनीतिक पहल शुरू करने की मांग की।
नेपाली कांग्रेस के सभापति गगनकुमार थापा ने कहा कि संकट की घड़ी में सरकार को नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए। उनके मुताबिक केंद्र, प्रदेश और स्थानीय स्तर के बीच बेहतर समन्वय बनाकर ही हालात को सामान्य दिशा में ले जाया जा सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाएं और जरूरत पड़े तो राष्ट्रपति से भी परामर्श कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए साझा पहल करें। उनका कहना था कि धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक सद्भाव नेपाल की बड़ी ताकत हैं, इसलिए इन्हें बचाना सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है।
थापा ने यह भी कहा कि कांग्रेस स्थानीय स्तर तक सर्वदलीय संवाद का माहौल बनाने में सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने यह भी माना कि सरकार की ओर से औपचारिक पहल नहीं होने के बावजूद रास्वपा द्वारा सभी प्रमुख दलों को बातचीत के लिए बुलाना सकारात्मक कदम है।
प्रचंड ने संवाद को बताया सबसे जरूरी रास्ता
नेकपा (माओवादी केंद्र) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने बैठक में कहा कि मौजूदा स्थिति को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बजाय राष्ट्रीय जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री से सभी दलों का विश्वास जीतते हुए बातचीत और सहमति के आधार पर समाधान तलाशने की अपील की। प्रचंड ने याद दिलाया कि भूकंप, बाढ़-पहाड़ी आपदाओं और संविधान निर्माण जैसे कठिन दौर में भी राजनीतिक दलों ने मिलकर काम किया था और इस बार भी उसी परिपक्वता की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि केवल बल प्रयोग से स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर
बैठक में शामिल नेताओं ने इस बात पर भी चिंता जताई कि स्थानीय हालात को बाहरी तत्व भड़काने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे किसी भी प्रयास के प्रति सतर्क रहने की जरूरत बताई गई।
बैठक का साझा निष्कर्ष रहा कि सरकार, राजनीतिक दलों और सभी संबंधित पक्षों के बीच लगातार संवाद और समन्वय बनाए रखना मौजूदा परिस्थितियों में सबसे अहम है, ताकि सामाजिक सद्भाव, धार्मिक सहिष्णुता और जनता का भरोसा कायम रह सके।
इस बीच बैठक के दौरान ही कांग्रेस सभापति गगनकुमार थापा वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री गोपालमान श्रेष्ठ के निधन पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वहां से रवाना हो गए। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल के नेता भीष्मराज आङ्दाम्बे समेत अन्य प्रमुख दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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