समस्याग्रस्त सहकारी के 341 बचतकर्ताओं को मिली रकम वापस
लंबे समय से अपनी जमा पूंजी का इंतजार कर रहे समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं के बचतकर्ताओं के लिए राहत की शुरुआत हुई है। सरकार ने ऐसे सहकारी संस्थानों से वसूले गए ऋण और उनकी संपत्तियों के प्रबंधन से जुटाई गई राशि के आधार पर पहले चरण में छोटे बचतकर्ताओं को भुगतान शुरू कर दिया है।
समस्याग्रस्त सहकारी प्रबंधन समिति के अनुसार अब तक कुल 341 बचतकर्ताओं को उनकी जमा राशि वापस की जा चुकी है। इनमें कान्तिपुर सेविङ एन्ड क्रेडिट सहकारी के 334 और पशुपति सहकारी के 7 बचतकर्ता शामिल हैं।
समिति ने साफ किया है कि यह भुगतान सरकारी बजट से नहीं किया गया है। बचतकर्ताओं को लौटाई गई रकम समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं से ऋण वसूली और उनकी संपत्तियों के प्रबंधन से प्राप्त धनराशि से दी गई है।
ऋण वसूली पर बढ़ा जोर
समिति का कहना है कि साउन 1 से 15 के बीच विभिन्न समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं के 65 ऋणियों से बकाया राशि की वसूली की गई है। आगे भी इस अभियान को तेज किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक धन एकत्र कर बचतकर्ताओं को भुगतान किया जा सके।
पहले छोटे बचतकर्ताओं को प्राथमिकता
फिलहाल कम राशि जमा करने वाले बचतकर्ताओं को प्राथमिकता देकर भुगतान किया गया है। समिति के मुताबिक अगले चरण में जमा रकम के आधार पर बचतकर्ताओं का वर्गीकरण किया जाएगा और उसी क्रम में अन्य लोगों को भी उनकी बचत वापस की जाएगी।
समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं में लाखों लोगों की जमा पूंजी लंबे समय से फंसी हुई है। सरकार का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ऋण वसूली और संपत्ति प्रबंधन को तेज करते हुए बचतकर्ताओं का पैसा चरणबद्ध तरीके से लौटाने का काम आगे भी जारी रहेगा।
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