गैस की शिकायतें रोज, राहत में अभी 15 दिन
बाजार में रसोई गैस की कमी से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए राहत की उम्मीद है। नेपाल एलपी गैस उद्योग संघ का कहना है कि सप्लाई पर बना दबाव अभी कुछ दिन और रह सकता है, लेकिन हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं। उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का दावा है कि अगले 10 से 15 दिनों में गैस की आपूर्ति नियमित होने लगेगी।
प्रतिनिधि सभा की उद्योग, वाणिज्य तथा श्रम एवं उपभोक्ता हित समिति की मंगलवार की बैठक में गैस आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान नेपाल एलपी गैस उद्योग संघ के अध्यक्ष दिवानबहादुर चन्द ने कहा कि बढ़ती मांग और सीमित आयात क्षमता की वजह से मौजूदा स्थिति बनी है।
उनके मुताबिक गैस लाने वाले बुलेट टैंकर उद्योगों के सीधे नियंत्रण में नहीं हैं। इसी कारण जरूरत के हिसाब से गैस मंगाने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कई उपभोक्ताओं ने जरूरत से ज्यादा सिलेंडर घरों में जमा कर लिए हैं, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना है।
चन्द ने जानकारी दी कि सामान्य दिनों में 80 से 90 बुलेट टैंकरों के जरिए गैस आती थी, लेकिन बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए फिलहाल करीब 120 बुलेट परिचालन में लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडरों की बिक्री शुरू होने के बाद अब तक करीब 32 हजार मीट्रिक टन गैस की खपत हो चुकी है। इससे पहले मासिक खपत लगभग 28 हजार मीट्रिक टन के आसपास रहती थी।
7.1 किलो वाले सिलेंडर पर भी उठे सवाल
उद्योग संघ का कहना है कि 7.1 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडरों की बिक्री केवल सीमित समय के लिए शुरू करने का सुझाव सरकार को पहले भी दिया गया था। लेकिन यह व्यवस्था अपेक्षा से ज्यादा समय तक जारी रहने से आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
चन्द ने यह भी कहा कि भारतीय ऑयल कॉरपोरेशन से मिलने वाली गैस की मात्रा तय सीमा में है। दूसरी ओर, अन्य स्रोतों से गैस लाने के लिए नेपाल के पास पर्याप्त बुलेट टैंकर नहीं हैं। ऐसे में मांग के अनुरूप तुरंत सप्लाई बढ़ाना आसान नहीं है। हालांकि रोजाना आपूर्ति सुधारने की कोशिश जारी है और जल्द स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।
उपभोक्ता पक्ष ने उठाए सुरक्षा और कानून के मुद्दे
बैठक में उपभोक्ता अधिकारकर्मी जयप्रसाद पौडेल ने कहा कि गैस क्षेत्र की परेशानी केवल सप्लाई तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार सिलेंडर विस्फोट, सिलेंडर के भीतर गंदगी या अवशेष मिलने और गुणवत्ता व सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के बावजूद गैस क्षेत्र को व्यवस्थित करने के लिए अलग और स्पष्ट कानूनी व्यवस्था अब तक नहीं बन सकी है। ऐसे में प्रभावी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना मुश्किल हो रहा है।
पौडेल ने सरकार से मांग की कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण सेवा और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कानून और नीतिगत सुधार किए जाएं।
बैठक में उद्योग और उपभोक्ता पक्ष के तर्क अलग-अलग रहे, लेकिन दोनों इस बात पर सहमत दिखे कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को लंबे समय के लिए मजबूत बनाने के लिए केवल अस्थायी उपाय पर्याप्त नहीं होंगे। इसके लिए ठोस नीतिगत और संरचनात्मक सुधार जरूरी हैं।
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