हेटौंडा कपड़ा उद्योग पर कुलमान घिसिङ ने सरकार को दिया सुझाव

Hindi News Desk
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हेटौंडा कपड़ा उद्योग पर कुलमान घिसिङ ने सरकार को दिया सुझाव

लंबे समय से बंद हेटौंडा कपड़ा उद्योग को फिर से चलाने की पहल पर कुलमान घिसिङ ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नेपाल सरकार और नेपाली सेना को इसके लिए धन्यवाद दिया है। साथ ही कहा है कि अब असली चुनौती उद्योग को लंबे समय तक टिकाऊ और प्रभावी तरीके से चलाने की है।

घिसिङ ने अपने फेसबुक पोस्ट में उद्योग के लिए जरूरी कच्चे माल के उत्पादन पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि केवल फैक्ट्री शुरू कर देना काफी नहीं होगा। उत्पादन लगातार चलता रहे, इसके लिए कच्चे माल की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी।

देश में ही कच्चा माल तैयार करने पर जोर

हेटौंडा कपड़ा उद्योग के लिए जरूरी कच्चा माल अगर नेपाल में ही बड़े स्तर पर तैयार होता है, तो इसका फायदा सिर्फ उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा। इससे खेती, स्थानीय उत्पादन और रोजगार के नए अवसर भी जुड़ सकते हैं।

यही वजह है कि घिसिङ ने सरकार से कच्चे माल के घरेलू उत्पादन की दिशा में भी काम करने को कहा है। उद्योग की सप्लाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए इसे अहम माना जा रहा है।

निजी क्षेत्र को साझेदारी में लाने का सुझाव

घिसिङ ने उद्योग के प्रबंधन को लेकर भी अपनी बात रखी है। उन्होंने लंबे समय तक इसे प्रभावी ढंग से चलाने के लिए निजी क्षेत्र को साझेदारी में शामिल करने की जरूरत बताई।

उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “हेटौंडा कपड़ा उद्योग को सञ्चालन में लाने के लिए नेपाल सरकार और नेपाली सेना को धन्यवाद। कपड़ा उद्योग के लिए जरूरी कच्चे माल के उत्पादन पर भी सरकार ध्यान दे। साथ ही उद्योग को लंबे समय तक लगातार और प्रभावी तरीके से चलाने के लिए निजी क्षेत्र को साझेदारी में लाना जरूरी है। सरकार इस तरफ भी ध्यान दे।”

उद्योग खुला, अब टिकाऊ संचालन की चुनौती

हेटौंडा कपड़ा उद्योग का दोबारा सञ्चालन अपने आप में अहम कदम है, लेकिन आगे कई व्यावहारिक सवाल भी हैं। उत्पादन क्षमता कितनी होगी, कच्चा माल नियमित रूप से कहां से आएगा और तैयार कपड़े के लिए बाजार कैसे तैयार होगा, इन मुद्दों पर आगे की दिशा तय होनी है।

इसके साथ प्रबंधन का मॉडल भी महत्वपूर्ण रहेगा। सरकारी व्यवस्था के भीतर उद्योग चलेगा या निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी का रास्ता अपनाया जाएगा, इसका असर इसकी लागत और निरंतरता पर पड़ेगा।

घिसिङ की प्रतिक्रिया भी इसी तरफ ध्यान खींचती है। उनके मुताबिक उद्योग को फिर से खोलने के साथ ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे उत्पादन न रुके और यह लंबे समय तक आर्थिक रूप से टिक सके।

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