गरिमा चौधरी हत्या मामले में दो गिरफ्तार, जीतपुरसिमरा में प्रदर्शन
बारा के जीतपुरसिमरा में तीन साल की बच्ची की हत्या के बाद लोगों का गुस्सा थम नहीं रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच में बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर ले जाने, उसके साथ यौन हिंसा और फिर हत्या की बात सामने आई है। घटना के विरोध में बुधवार से शुरू हुआ प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी है।
परिवार और स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच और इसमें शामिल सभी लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण पथलैया–वीरगंज सड़क पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
जगह-जगह टायर जलाकर सड़क रोकी गई है। दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन फंसे हैं और यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
दो लोगों को हिरासत में लेकर जांच
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को पकड़ा है। इनमें ना.1 ज 7758 नंबर की मैजिक गाड़ी के सहचालक सुमन थापा और चालक प्रमोद चौधरी शामिल हैं।
शुरुआती जांच के मुताबिक बच्ची को चॉकलेट देने के बहाने फुसलाकर घटनास्थल तक ले जाया गया था। पुलिस का कहना है कि वहां उसके साथ यौन हिंसा की गई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई।
बच्ची का शव जीतपुरसिमरा उपमहानगरपालिका-2 के भक्तिनगर में वीरबहादुर रोका के टाइल की छत वाले एक मंजिला मकान के खाली कमरे से मिला।
शव मिलने के बाद इलाका पुलिस कार्यालय सिमरा से पुलिस नायब निरीक्षक दिलिप क्षेत्री के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद जिला पुलिस कार्यालय बारा से पुलिस निरीक्षक नरेंद्र कुंवर की अगुवाई में दूसरी टीम भी भेजी गई। घटनास्थल को सुरक्षित कर सबूत जुटाए गए और जांच आगे बढ़ाई गई।
प्रशिक्षित कुत्ते के संकेत के बाद पकड़ा गया सहचालक
जांच में नेपाल प्रदेश पुलिस कार्यालय वीरगंज से प्रशिक्षित कुत्ते वाली टीम की भी मदद ली गई। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान कुत्ते ने मैजिक के सहचालक सुमन थापा की तरफ संकेत किया। इसके बाद पुलिस ने उसे घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया।
उस समय थापा पुलिस के साथ बच्ची की तलाश में मदद करता हुआ दिखाई दे रहा था।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान थापा ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच आगे बढ़ने पर मैजिक चालक प्रमोद चौधरी की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद जीतपुरसिमरा उपमहानगरपालिका-1 निवासी 24 वर्षीय चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
चौधरी के खिलाफ जबरन करणी और हत्या से जुड़े कसूर में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना में इन दोनों के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग
तीन साल की बच्ची के साथ हुई इस घटना ने जीतपुरसिमरा के स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है। परिवार के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतरे हैं। उनकी मांग है कि जांच में किसी तरह की ढिलाई न हो और घटना में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाए।
बुधवार सुबह शुरू हुआ विरोध गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। वीरगंज–पथलैया सड़क पर अवरोध के कारण लंबी दूरी की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है। वे निष्पक्ष और प्रभावी जांच के साथ पीड़ित परिवार के लिए न्याय चाहते हैं। लोगों ने साफ किया है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आने और दोषियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होने तक उनका दबाव जारी रहेगा।
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