10 साल बाद धनुषा के 310 परिवारों को मिला लालपुर्जा

Hindi News Desk
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10 साल बाद धनुषा के 310 परिवारों को मिला लालपुर्जा

धनुषा के मिथिला बिहारी नगरपालिका-3 में रहने वाले 310 परिवारों का जमीन के मालिकाना हक का करीब दस साल पुराना इंतजार खत्म हो गया है। लंबे समय से अपनी जमीन पर रह रहे इन परिवारों को अब उनके नाम का जग्गाधनी प्रमाणपुर्जा यानी लालपुर्जा मिल गया है।

नापी कार्यालय धनुषा ने बाकी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 310 लालपुर्जे बांटे हैं। इसके साथ ही इन परिवारों का वर्षों से जिस जमीन पर बसे होने का दावा था, वह अब सरकारी रिकॉर्ड में भी उनके नाम दर्ज हो गया है।

नापी दस साल पहले हुई, दर्ता अटका रहा

यह मामला साबिक मिथलेश्वर महुवाही गाविस के वडा नंबर 1 से 9 तक की स्ववासी जमीन से जुड़ा है। इन इलाकों में जमीन की नापी और नक्शे का काम आर्थिक वर्ष 2072/073 में ही पूरा कर लिया गया था।

नापी होने के बाद भी जमीन दर्ता की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसी वजह से वहां रह रहे लोगों के हाथ में कानूनी मालिकाना हक का दस्तावेज नहीं आ पाया।

परिवार जमीन पर रहते रहे, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में स्वामित्व की प्रक्रिया अधूरी थी। यह स्थिति करीब एक दशक तक बनी रही।

जनभागीदारी नहीं जुटने से रुका था काम

नापी कार्यालय धनुषा के मुताबिक, जमीन दर्ता के लिए जरूरी जनभागीदारी अपेक्षा के मुताबिक नहीं जुट सकी थी। इसी कारण लालपुर्जा जारी करने की प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही।

इन जमीनों की नापी पहले आयोग के जरिए हो चुकी थी। अब बाकी प्रक्रिया पूरी की गई और 310 जग्गाधनी प्रमाणपुर्जे संबंधित परिवारों को सौंप दिए गए।

अब सरकारी रिकॉर्ड में भी जमीन पर अधिकार

लालपुर्जा मिलना इन परिवारों के लिए सिर्फ एक सरकारी कागज मिलने भर की बात नहीं है। वर्षों से जिस जमीन पर वे स्ववासी के रूप में रह रहे थे, उस पर उनका अधिकार अब कानूनी अभिलेख में भी दर्ज हो गया है।

नापी पूरी होने के बावजूद दर्ता नहीं होने से स्थानीय परिवार लंबे समय तक औपचारिक मालिकाना हक से वंचित थे। उन्हें अपनी ही जमीन के कागज के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ा।

करीब दस साल बाद 310 परिवारों को लालपुर्जा मिलने के साथ जमीन को लेकर चला आ रहा प्रशासनिक असमंजस भी खत्म हुआ है। अब ये परिवार अपने नाम पर दर्ज जमीन के औपचारिक मालिक बन गए हैं।

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