रसुवा भोटेकोशी बाढ़ में 903 शव मिले, 4227 लापता
रसुवा के भोटेकोशी इलाके में आई बाढ़ के बाद मानवीय नुकसान का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सुबह 9 बजे तक 903 लोगों के शव मिल चुके हैं, जबकि 4 हजार 227 लोग अब भी संपर्क में नहीं हैं। बड़ी संख्या में लोगों का पता नहीं चलने के कारण प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव का काम जारी है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ में फंसे और जोखिम वाले इलाकों से अब तक 10 हजार 451 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
पहचान नहीं होने वाले शव 21 अस्पतालों में
बाढ़ प्रभावित इलाकों से मिले कई शवों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। ऐसे शवों को अलग-अलग जिलों के 21 अस्पतालों में रखा गया है। उनकी पहचान करने के साथ ही लापता लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
हजारों परिवार अब भी अपने लोगों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में लापता लोगों की तलाश राहत और बचाव अभियान की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है।
267 घायल, 156 अस्पताल से घर लौटे
आपदा में 267 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 156 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। बाकी घायलों का इलाज जारी है।
बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत के साथ पुनर्वास का काम भी चल रहा है। हालात को देखते हुए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को मौके पर लगाया गया है।
20 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मैदान में
प्राधिकरण के मुताबिक इस समय कुल 20 हजार 819 सुरक्षाकर्मी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। इनमें नेपाली सेना के 8 हजार 722, नेपाल पुलिस के 7 हजार 894 और सशस्त्र पुलिस बल के 4 हजार 203 जवान शामिल हैं।
एक तरफ प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश जारी है, दूसरी तरफ बचाए गए परिवारों तक राहत पहुंचाने और उनके पुनर्वास की चुनौती है। जिन शवों की पहचान नहीं हुई है, उनकी शिनाख्त और संपर्क से बाहर लोगों की स्थिति का पता लगाने का काम भी लगातार चल रहा है।
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