बाढ़ के 10 दिन बाद सुरंग से दो लोगों का जीवित बचाव
त्रिशूली 3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को लेकर नौ दिन से बनी चिंता के बीच दसवें दिन की सुबह राहत की खबर आई है। बचाव में जुटी नेपाली सेना की टीम ने सुरंग के भीतर से लोगों की आवाज सुनी है। अब तक दो लोगों को जीवित बाहर निकाला जा चुका है।
सुरंग से संजय शाह और परी महर्जन को सुरक्षित निकाला गया है। बाकी लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव अभियान जारी है। लंबे समय से कोई संपर्क नहीं होने के कारण उनकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।
बाहर से आवाज दी तो अंदर से मिला जवाब
इंजीनियर और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद श्रीराम न्यौपाने ने नेपाली सेना के हवाले से बचाव अभियान की जानकारी साझा की है।
न्यौपाने के मुताबिक, बचाव दल ने सुरंग के बाहर से अंदर फंसे लोगों को आवाज देकर बताया कि उन्हें निकालने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद अंदर से जवाब सुनाई दिया।
यह प्रतिक्रिया बचाव दल के लिए अहम संकेत मानी जा रही है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि सुरंग के भीतर संपर्क से बाहर चल रहे दूसरे लोग भी जीवित हो सकते हैं।
हालांकि अभी सबसे बड़ी चुनौती उन तक सुरक्षित तरीके से पहुंचने की है। न्यौपाने ने आने वाले कुछ घंटों को बचाव अभियान के लिहाज से बेहद अहम बताया है।
पानी और ऑक्सीजन पहुंचने से बनी रही उम्मीद
सुरंग के भीतर सीमित मात्रा में पानी और ऑक्सीजन पहुंचने की स्थिति बनी हुई है। न्यौपाने के अनुसार, इसी वजह से वहां फंसे लोगों के इतने दिनों तक जीवित रहने की संभावना बनी रही।
बाढ़ के बाद लोग सुरंग के भीतर फंस गए थे और उनका बाहर से संपर्क टूट गया था। नौ दिन तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने से परिवारों और बचाव में जुटी टीमों की चिंता लगातार बढ़ती रही।
अब दो लोगों के जीवित बाहर आने और भीतर से आवाज मिलने के बाद बचाव अभियान एक बेहद महत्वपूर्ण दौर में पहुंच गया है।
हेलिकॉप्टर और मेडिकल टीम तैयार
सुरंग से बाहर निकाले जाने वाले लोगों को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए गृह मंत्रालय ने भी तैयारी की है।
हेलिकॉप्टर को तैयार रखा गया है। मेडिकल टीम भी जरूरत पड़ते ही परिचालन के लिए तैयार है, ताकि बचाए गए लोगों को बिना देरी जरूरी उपचार दिया जा सके।
फिलहाल पूरा ध्यान सुरंग में मौजूद बाकी लोगों तक पहुंचने पर है। बचाव दल अंदर से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर आगे बढ़ रहा है और अभियान जारी है।
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