नेपाली कांग्रेस के सांसद अभिषेक प्रताप साह ने पूर्व गृह मंत्री सूदन गुरुङ से जुड़ी जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है और जांच की विश्वसनीयता तथा पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
प्रतिनिधि सभा में आपातकालीन सत्र के दौरान बोलते हुए साह ने गुरुङ की संपत्ति विवरण को “अप्राकृतिक और संदिग्ध” बताया और सरकार से निष्पक्ष, पारदर्शी तथा उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि आयोग के प्रति जनता में बढ़ती शंकाएं राज्य संस्थानों में विश्वास को कमजोर कर सकती हैं।
साह के अनुसार, आम जनता के बीच यह चर्चा बढ़ रही है कि आयोग पूर्व मंत्री की रक्षा करने में लगा हो सकता है, न कि जवाबदेही सुनिश्चित करने में। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक पद पर है, उसे कानून से ऊपर नहीं समझा जाना चाहिए।
नेपाली कांग्रेस के इस सांसद ने आयोग की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने की भी अपील की, यह बताते हुए कि संसद जनता के विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
संसदीय सत्र के दौरान साह ने गुरुङ की संपत्ति की जांच के लिए स्वतंत्र और प्रभाव रहित जांच की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने आयोग को राजनीतिक दबाव या बाहरी प्रभाव में आकर किसी को बरी करने से बचने की भी चेतावनी दी।