ढल्केबर में ट्रॉमा सेंटर की मांग तेज, पूर्व-पश्चिम राजमार्ग अवरुद्ध

Hindi News Desk
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ढल्केबर में ट्रॉमा सेंटर की मांग तेज, पूर्व-पश्चिम राजमार्ग अवरुद्ध

संघीय सरकार की ओर से बजट आवंटन से लेकर जमीन की व्यवस्था तक की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने के बावजूद प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर को ढल्केबर से अन्यत्र ले जाने की तैयारी के विरोध में धनुषा में आंदोलन तेज हो गया है। स्थानीय लोगों ने ट्रॉमा सेंटर ढल्केबर में ही बनाने की मांग को लेकर सोमवार को पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के ढल्केबर खंड को आधे घंटे तक अवरुद्ध किया।

ट्रॉमा सेंटर संरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर जारी चरणबद्ध आंदोलन के पांचवें दिन सुबह 11 बजे से 11:30 बजे तक राजमार्ग पर यातायात रोका गया। प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के साथ जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

राजमार्ग पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर को ढल्केबर से दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं करने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आधे घंटे के चक्का जाम से पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

विवाद के केंद्र में वही ट्रॉमा सेंटर परियोजना है, जिसे सरकार ने पहले ढल्केबर के लिए आगे बढ़ाया था। बुधवार को संसद में स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता ने ट्रॉमा सेंटर लहान में बनाए जाने की जानकारी दी, जिसके बाद ढल्केबर क्षेत्र में विरोध शुरू हो गया।

इसके बाद पिछले शुक्रवार को संघर्ष समिति ने ट्रॉमा सेंटर को पहले से निर्धारित स्थान पर ही बनाने की मांग करते हुए चरणबद्ध आंदोलन के कार्यक्रम सार्वजनिक किए थे।

फिलहाल आंदोलन रुकने के संकेत नहीं हैं। संघर्ष समिति के संयोजक एवं मिथिला नगरपालिका के मेयर महेंद्र महतो के अनुसार, कल सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक चक्का जाम किया जाएगा। 27 गते आंदोलन को और विस्तार देते हुए सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक राजमार्ग अवरुद्ध करने का कार्यक्रम तय किया गया है।

बजट आवंटन से लालपुर्जा बनने तक पहुंच चुकी थी प्रक्रिया

ढल्केबर में ट्रॉमा सेंटर बनाने की योजना नई नहीं है। मिथिला नगरपालिका-7 के अंतर्गत तत्कालीन ढल्केबर गाविस वार्ड नंबर 2 ‘क’ के कित्ता नंबर 169 में स्थित करीब चार बीघा ऐलानी जमीन को आधार बनाकर संघीय सरकार ने आर्थिक वर्ष 2078/79 के बजट में पहली बार ट्रॉमा सेंटर निर्माण के लिए राशि आवंटित की थी।

मेयर महतो के अनुसार, परियोजना के लिए आवश्यक जमीन प्राप्त करने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और लालपुर्जा बन चुका है। स्थानीय पक्ष इसी प्रक्रिया का हवाला देते हुए कह रहा है कि लंबे समय से आगे बढ़ाई गई परियोजना को अंतिम चरण में दूसरी जगह ले जाने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है।

बताया गया है कि परियोजना शिलान्यास की तैयारी तक पहुंच चुकी थी। अब ट्रॉमा सेंटर कहां बनेगा, यही विवाद का मुख्य मुद्दा बन गया है।

एक तरफ स्वास्थ्य मंत्री ने लहान में ट्रॉमा सेंटर बनाने की जानकारी दी है, जबकि दूसरी तरफ स्थानीय सरकार और संघर्ष समिति का कहना है कि ढल्केबर में बजट और जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पहले ही काफी आगे बढ़ चुकी है। उनका रुख है कि पहले से निर्धारित स्थान में बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

चरणबद्ध चक्का जाम की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में विवाद का समाधान नहीं निकलने पर आने वाले दिनों में पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के ढल्केबर खंड पर यातायात और प्रभावित होने की संभावना है।

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