धनुषा में 10 साल बाद 57 परिवारों को मिला जमीन का पुर्जा
धनुषा के सबैला नगरपालिका–11 में वर्षों से अपनी जमीन पर घर बनाकर रह रहे 57 परिवारों का लंबा इंतजार खत्म हुआ है। जमीन उनके कब्जे और इस्तेमाल में थी, लेकिन मालिकाना हक साबित करने वाला दस्तावेज नहीं था। अब नापी कार्यालय धनुषा ने इन परिवारों को जग्गाधनी पुर्जा जारी कर दिया है।
पुर्जा मिलने के बाद इन परिवारों के लिए जमीन पर हक अब सिर्फ रहने और भोगचलन तक सीमित नहीं रहा। पहली बार उनके पास जमीन के कानूनी स्वामित्व का औपचारिक दस्तावेज भी आ गया है।
करीब दस साल पहले हुई थी जमीन की नापी
पुर्जा पाने वाले परिवार पुराने मखनाहा गांव विकास समिति के वार्ड नंबर 6, 7, 8 और 9 के गांव ब्लॉक यानी स्ववासी क्षेत्र में रहते हैं।
इस इलाके की जमीन की नापी आर्थिक वर्ष 2072/73 में ही हो चुकी थी। सामान्य तौर पर नापी के बाद जमीन दर्ता की बाकी प्रक्रिया आगे बढ़नी थी, लेकिन जरूरी जनसहभागिता नहीं जुट पाने के कारण काम बीच में अटक गया।
नक्शा और नापी तैयार होने के बावजूद परिवारों के नाम जमीन का औपचारिक स्वामित्व तय नहीं हो पाया था। मामला इसी तरह वर्षों तक लंबित रहा।
पुरानी नापी के बाद अब पूरी हुई दर्ता प्रक्रिया
पहले आयोग के जरिए नापी और नक्शा तैयार किए गए इन भूखंडों की बाकी प्रक्रिया अब नापी कार्यालय धनुषा ने पूरी की है। इसके बाद कुल 57 जग्गाधनी पुर्जा संबंधित परिवारों को बांटे गए हैं।
इसका सीधा मतलब यह है कि जो परिवार लंबे समय से स्ववासी के रूप में वहां रह रहे थे और जमीन का इस्तेमाल कर रहे थे, उनके हाथ में अब मालिकाना हक साबित करने वाला कागज भी है।
करीब एक दशक पहले हुई नापी को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक लंबा इंतजार करना पड़ा। पुर्जा वितरण के साथ वह इंतजार अब खत्म हुआ है और 57 परिवारों की जमीन पहली बार औपचारिक रूप से उनके स्वामित्व से जुड़ गई है।
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