नेपाल मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष बने डॉ. ढुंडीराज पौडेल
नेपाल मेडिकल काउंसिल के नए अध्यक्ष के रूप में प्रो. डॉ. ढुंडीराज पौडेल ने जिम्मेदारी संभाल ली है। बुधवार को स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री निशा मेहता के सामने पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद उन्होंने औपचारिक रूप से काउंसिल का नेतृत्व संभाला।
नाक, कान और गला रोग के वरिष्ठ विशेषज्ञ पौडेल लंबे समय से चिकित्सा सेवा और मेडिकल शिक्षा से जुड़े रहे हैं। खास बात यह भी है कि वे काउंसिल की परीक्षा और मेडिकल पेशे से जुड़े नैतिक मामलों पर काम कर चुके हैं। ऐसे में उनके लिए काउंसिल की जिम्मेदारियां बिल्कुल नई नहीं हैं।
नेपालगंज मेडिकल कॉलेज में विभाग प्रमुख
पौडेल फिलहाल नेपालगंज मेडिकल कॉलेज, कोहलपुर में नाक, कान और गला विभाग के प्रमुख और प्रोफेसर हैं। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाने से पहले भी उनका लंबा समय अस्पतालों में मरीजों के इलाज और प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियों में बीता है।
वे वीर अस्पताल, भेरी अस्पताल, भरतपुर अस्पताल और दाङ अस्पताल में अलग-अलग जिम्मेदारियों में काम कर चुके हैं। इस दौरान उन्हें सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवा की चुनौतियों को करीब से देखने का मौका मिला।
अब उनके सामने डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन से लेकर पेशेवर आचरण और चिकित्सा अभ्यास की निगरानी तक की बड़ी जिम्मेदारी होगी। नेपाल में डॉक्टरों के पेशेवर मानकों को तय करने और उनकी निगरानी में मेडिकल काउंसिल की अहम भूमिका रहती है।
काउंसिल के कामकाज से पहले से परिचित
अध्यक्ष बनने से पहले पौडेल नेपाल मेडिकल काउंसिल के भीतर भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वे काउंसिल की नैतिकता और परीक्षा समिति में कार्यकारी सदस्य तथा समन्वयक रह चुके हैं।
यही अनुभव उनकी नई भूमिका में अहम होगा। मेडिकल परीक्षा की विश्वसनीयता, पेशेवर आचार संहिता का पालन और डॉक्टरों से जुड़े नियामकीय मामलों में काउंसिल को लगातार फैसले लेने होते हैं।
आईओएम से पढ़ाई, एमएस में गोल्ड मेडल
पौडेल ने त्रिभुवन विश्वविद्यालय के चिकित्सा शास्त्र अध्ययन संस्थान (आईओएम) से एमबीबीएस किया है। इसके बाद उन्होंने वहीं से नाक, कान और गला सर्जरी में एमएस की पढ़ाई पूरी की। एमएस में वे गोल्ड मेडल के साथ उत्तीर्ण हुए थे।
अस्पताल की सेवा, मेडिकल कॉलेज में अध्यापन और काउंसिल के भीतर काम करने का अनुभव अब एक साथ उनकी नई जिम्मेदारी से जुड़ गया है।
काउंसिल के अध्यक्ष के तौर पर पौडेल के सामने सबसे अहम काम चिकित्सा पेशे की गरिमा और भरोसे को मजबूत बनाए रखना होगा। इसके साथ ही पेशेवर आचार संहिता को प्रभावी ढंग से लागू करने, परीक्षा व्यवस्था को भरोसेमंद रखने और चिकित्सा अभ्यास के नियमन को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी उनके नेतृत्व में रहेगी।
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