फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टरफाइनल में अर्जेंटीना से हारकर बाहर हुई इजिप्ट की टीम ने मैच की रेफरिंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इजिप्ट फुटबॉल संघ (EFA) ने फीफा को औपचारिक शिकायत भेजकर मैच में लिए गए कुछ फैसलों की जांच कराने और संबंधित रेफरी टीम पर कार्रवाई की मांग की है।
यह मुकाबला इजिप्ट के हाथ में दिखाई दे रहा था। टीम 79वें मिनट तक 2-0 की बढ़त बनाए हुए थी। इसके बाद अर्जेंटीना ने लगातार तीन गोल दागकर मैच 3-2 से अपने नाम कर लिया और क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। अब उसका सामना स्विट्जरलैंड से होगा।
किन फैसलों पर है इजिप्ट की आपत्ति?
इजिप्ट का सबसे बड़ा विरोध दूसरे हाफ में मोस्तफा जिको के उस गोल को लेकर है, जिसे वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की सलाह के बाद रद्द कर दिया गया।
फ्रांस के रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिए ने फैसला दिया कि गोल बनने से करीब 20 सेकंड पहले लिसांद्रो मार्टिनेज के खिलाफ फाउल हुआ था। इसी आधार पर गोल को अमान्य घोषित कर दिया गया। इजिप्ट का कहना है कि इसी फैसले ने मुकाबले की दिशा बदल दी।
इसके बाद जब स्कोर 2-2 से बराबर था, तब मोहम्मद सलाह पर जूलियन अल्वारेज़ के कथित फाउल को लेकर इजिप्ट ने पेनाल्टी की मांग की। हालांकि रेफरी ने खेल जारी रखा और VAR की ओर से भी कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ।
इजिप्ट ने अर्जेंटीना के तीसरे और निर्णायक गोल पर भी सवाल उठाया है। उसका आरोप है कि गोल बनने से पहले एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने हम्दी फाथी के खिलाफ फाउल किया था, लेकिन उस घटना की समीक्षा नहीं की गई।
फीफा को भेजा गया आधिकारिक पत्र
स्पेन के मीडिया संस्थान Diario AS के मुताबिक, इजिप्ट फुटबॉल संघ के अध्यक्ष हानी अबो रिदा ने फीफा को पत्र लिखकर रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिए और उनकी पूरी ऑफिशियेटिंग टीम की जांच कराने की मांग की है।
संघ ने यह भी आग्रह किया है कि जांच पूरी होने तक इस ऑफिशियेटिंग टीम को विश्व कप के बाकी मुकाबलों में जिम्मेदारी न दी जाए।
इजिप्ट फुटबॉल संघ का कहना है कि रेफरी के कई फैसलों का सीधा असर मैच के नतीजे पर पड़ा। संघ ने फीफा से पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और आधिकारिक जवाब देने की मांग की है।