भारत में फिर से महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल

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भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। सोमवार से पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया। पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं।

लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रोजमर्रा के खर्च, बाजार के दाम और सफर का खर्च अब और बढ़ने की आशंका है।

15 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने की वजह से घाटे में चल रही थीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बाद अब धीरे-धीरे दाम बढ़ाए जा रहे हैं।

दिल्ली में पेट्रोल फिर 100 रुपये के पार

नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल फिर 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। यहां पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत कई बड़े शहरों में भी ईंधन के दाम तेजी से बढ़े हैं।

  • दिल्ली — पेट्रोल 102.12 रुपये, डीजल 95.20 रुपये
  • मुंबई — पेट्रोल 108.47 रुपये, डीजल 99.32 रुपये
  • कोलकाता — पेट्रोल 103.89 रुपये, डीजल 96.76 रुपये
  • चेन्नई — पेट्रोल 105.71 रुपये, डीजल 98.41 रुपये
  • हैदराबाद — पेट्रोल 110.34 रुपये, डीजल 102.12 रुपये

ईरान-अमेरिका तनाव का असर

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को भी कीमत बढ़ने की बड़ी वजह माना जा रहा है। खासकर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को प्रभावित किया है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में गिना जाता है। वहां किसी भी तरह की हलचल का असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है।

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार महंगे हो रहे कच्चे तेल के बावजूद वे लंबे समय तक पुराने दाम पर ईंधन बेच रही थीं। अब घाटे की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।

आम लोगों पर बढ़ेगा दबाव

ईंधन महंगा होने का असर आने वाले दिनों में बस किराया, माल ढुलाई और खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिख सकता है।

ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से बाजार में सामान महंगा होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

कई शहरों से ऐसी रिपोर्ट्स भी सामने आ रही हैं कि बढ़ती कीमतों की वजह से लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो और बस जैसी सार्वजनिक सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं।

सोशल मीडिया पर भी लगातार बढ़ रही कीमतों को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है। कई यूजर्स का कहना है कि महंगाई की सबसे ज्यादा मार मध्यम वर्ग और सामान्य परिवारों पर पड़ रही है।

आगे और बढ़ सकते हैं दाम

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

कच्चे तेल का बाजार फिलहाल राजनीतिक घटनाओं से तेजी से प्रभावित हो रहा है और अगले कुछ हफ्तों तक उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

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यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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