कैलाली के सुखड़ क्षेत्र पुलिस कार्यालय के प्रभारी डीएसपी प्रसन्नराज चौधरी को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए बयान के बाद पूछताछ के लिए जिला पुलिस कार्यालय बुलाया गया है। पुलिस नेतृत्व का कहना है कि सिर्फ हालिया टिप्पणी ही नहीं, बल्कि उनकी कार्यशैली और पहले से मिल रही शिकायतों पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मामला उस समय चर्चा में आया जब घोडाघोडी नगरपालिका–5 के दरख में नशा विरोधी जनचेतना कार्यक्रम के दौरान चौधरी ने कहा कि “हम बालेन की पुलिस नहीं, नेपाल पुलिस हैं।” इसी क्रम में उन्होंने यह भी कहा कि “केपी ओली को गिरफ्तार करने वाली पुलिस भी यही है।” कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि पुलिस किसी व्यक्ति या राजनीतिक प्रभाव से नहीं चलती। उन्होंने अपने चयन का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस सेवा में वे जनता के वोट से नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के जरिए आए हैं। हालांकि उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से वीडियो सार्वजनिक नहीं करने की अपील की थी, लेकिन बाद में वही वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ गया।
बयान के साथ पुराने मामलों की भी होगी समीक्षा
जिला पुलिस कार्यालय कैलाली के प्रमुख एसपी नरेन्द्र चन्द ने पुष्टि की है कि डीएसपी चौधरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनके अनुसार, बयान किस संदर्भ में दिया गया था, इसे समझने के साथ-साथ संगठन से जुड़े अन्य मामलों पर भी जानकारी ली जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चौधरी के खिलाफ स्थानीय स्तर से लेकर पुलिस मुख्यालय तक उनकी कार्यशैली, अनुशासन और जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर अलग-अलग शिकायतें पहुंची हैं।
पहले भी मांगा जा चुका है स्पष्टीकरण
जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी संगठन की नीतियों से जुड़े कुछ मामलों में उनसे स्पष्टीकरण लिया गया था। इसके अलावा बाजार अनुगमन के दौरान सामान जब्त करने और बाद में उसे वापस लौटाने से जुड़े आरोपों पर भी पुलिस नेतृत्व जानकारी जुटा रहा है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब तक चौधरी के खिलाफ आर्थिक अनियमितता से जुड़ा कोई गंभीर आरोप सामने नहीं आया है। फिलहाल सार्वजनिक बयान, संगठन की गरिमा और सेवा से जुड़े आचरण के संबंध में मिली शिकायतों के आधार पर आवश्यक जांच और परामर्श की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।