कर्णाली के मुख्यमंत्री शाही आज साबित करेंगे बहुमत
कर्णाली प्रदेश में मंगलबहादुर शाही की सरकार के लिए आज अहम दिन है। मुख्यमंत्री शाही प्रदेशसभा में विश्वास का मत मांगेंगे। संख्या उनके पक्ष में है और सत्ता में साथ खड़े दोनों दलों के पास बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से ज्यादा विधायक हैं।
आज होने वाली प्रदेशसभा की बैठक के एजेंडे में विश्वास मत का प्रस्ताव रखा गया है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सोमवार को ही प्रदेशसभा सचिवालय में पत्र दर्ज करा दिया था।
शाही पिछले साउन की 12 तारीख को मुख्यमंत्री बने थे। नेकपा (एमाले) के समर्थन से सरकार की कमान संभालने के बाद अब वह सदन में अपना बहुमत औपचारिक रूप से साबित करने जा रहे हैं।
24 विधायकों का समर्थन, बहुमत का आंकड़ा पार
40 सदस्यीय कर्णाली प्रदेशसभा में नेकपा के 14 विधायक हैं। एमाले के पास 10 विधायक हैं। दोनों दलों को मिलाकर सरकार के पक्ष में 24 विधायक होते हैं।
यह संख्या बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से अधिक है। ऐसे में फिलहाल विश्वास मत को लेकर शाही सरकार के सामने संख्या का संकट नहीं दिख रहा।
सदन में आज की प्रक्रिया इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके बाद सरकार का अगला काम मंत्रिमंडल को पूरा करना होगा।
मुख्यमंत्री बने, लेकिन कैबिनेट अब भी अधूरी
सरकार गठन के बाद से मुख्यमंत्री शाही अभी तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पाए हैं। स्थिति यह है कि फिलहाल मंत्रिमंडल में वह अकेले हैं।
इसकी बड़ी वजह सत्ता साझेदार नेकपा और एमाले के बीच मंत्रालयों के बंटवारे पर सहमति में हुई देरी है। दोनों दल सरकार में साथ हैं, लेकिन किसके हिस्से कौन-सा मंत्रालय आएगा, इसे लेकर बातचीत अभी जारी है।
इसी वजह से सरकार गठन के बाद भी मंत्रियों की नियुक्ति आगे नहीं बढ़ सकी।
विश्वास मत के बाद सरकार विस्तार की तैयारी
मुख्यमंत्री शाही पहले ही साफ कर चुके हैं कि विश्वास मत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की ओर बढ़ेंगे। सत्ता गठबंधन के दोनों दल इस पर लगातार चर्चा कर रहे हैं।
ऐसे में सदन का आज का अंकगणित लगभग साफ होने के बावजूद राजनीतिक दिलचस्पी आगे के फैसलों पर बनी रहेगी।
विश्वास मत मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल मंत्रालयों के बंटवारे का होगा। नेकपा और एमाले के बीच जिम्मेदारियां किस तरह बांटी जाती हैं और सरकार में किस दल को कौन-सा मंत्रालय मिलता है, कर्णाली की राजनीति में अब नजर इसी पर रहेगी।
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