तराई हिंसा के बाद मृतकों के परिवारों से 7 सूत्रीय समझौता
तराई के कई जिलों में पिछले दिनों फैली धार्मिक हिंसा फिलहाल थम गई है। सरकार और हिंसा में जान गंवाने वाले तीनों लोगों के परिवारों के बीच लिखित समझौता होने के बाद आंदोलन शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी सिलसिले में गृह मंत्री सुदन गुरुङ ने सिरहा के गोलबजार में पुलिस गोलीबारी में मारे गए गणेश यादव के परिवार से भी सात सूत्रीय समझौता किया।
सरकार ने तीनों मृतकों को शहीद घोषित करने का फैसला किया है। साथ ही प्रत्येक परिवार को राहत के तौर पर 10 लाख नेपाली रुपये देने पर सहमति बनी है।
समझौते के तहत तीनों मृतकों की स्मृति में उपयुक्त स्थान पर स्मृति पार्क बनाए जाएंगे। इसके अलावा हर परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
गणेश यादव के माता-पिता का निःशुल्क इलाज कराने की भी सरकार ने प्रतिबद्धता जताई है।
हालांकि मृतकों के सभी परिवारों से सहमति बनने के बाद भी गृह मंत्री सुदन गुरुङ कुछ दिन और मधेस में ही रहेंगे। उनके सचिवालय के अनुसार, जब तक तराई के प्रभावित जिलों में पूरी तरह शांति बहाल नहीं हो जाती, तब तक वे वहीं से स्थिति की निगरानी करेंगे।
हिंसा रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता
हालिया घटनाओं के दौरान राज्य की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे हैं। इन पहलुओं पर आगे चर्चा की जा सकती है, लेकिन फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता हिंसा पर पूरी तरह रोक लगाना और सामान्य माहौल बहाल करना है।
इसी दिशा में सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई भी तेज कर दी है।
अब तक 65 लोगों की गिरफ्तारी
धार्मिक हिंसा भड़काने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के आरोप में पुलिस अब तक कुल 65 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में विभिन्न जिलों के आरोपी शामिल हैं।
- सिरहा – 5
- धनुषा – 45
- सर्लाही – 9
- महोत्तरी – 2
- पर्सा – 1
- सप्तरी – 1
- सुनसरी – 1
प्रशासन का कहना है कि हिंसा फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं सरकार का मानना है कि मृतकों के परिवारों के साथ हुए समझौते से क्षेत्र में शांति बहाल करने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
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