बाढ़-भूस्खलन के कारण कांग्रेस महाधिवेशन की तारीख टलेगी

Hindi News Desk
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बाढ़-भूस्खलन के कारण कांग्रेस महाधिवेशन की तारीख टलेगी

देश के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से सड़कें बंद हैं और आवाजाही मुश्किल हो गई है। इसका असर नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन पर भी पड़ सकता है। पार्टी पहले से तय तारीख को कुछ दिन आगे बढ़ाने पर चर्चा कर रही है, ताकि अलग-अलग जिलों से काठमांडू आने वाले प्रतिनिधियों को परेशानी न हो।

अभी महाधिवेशन 16 से 19 असोज तक होना है। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए पार्टी के भीतर नई तारीख पर बातचीत शुरू हो गई है।

कांग्रेस के एक शीर्ष पदाधिकारी के मुताबिक, महाधिवेशन को लंबे समय तक टालने की बात नहीं है। कोशिश है कि पांच-छह दिन के भीतर ही कार्यक्रम को समायोजित कर लिया जाए। फिलहाल 19 असोज से महाधिवेशन शुरू करने या इसे 21 असोज तक आगे बढ़ाने जैसे विकल्पों पर चर्चा चल रही है।

विपदा के बीच प्रतिनिधियों को बुलाना मुश्किल

बाढ़ और भूस्खलन से कई जगह सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कुछ इलाकों में घरों और दूसरी संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे समय दूर-दराज के जिलों से महाधिवेशन प्रतिनिधियों को तुरंत काठमांडू बुलाना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा।

पार्टी नेतृत्व के भीतर यह राय भी है कि प्राकृतिक विपदा के समय राजनीतिक कार्यक्रम से पहले लोगों की सुरक्षा और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।

इसी वजह से महाधिवेशन रद्द करने या लंबे समय के लिए टालने के बजाय कुछ दिनों का समय देने पर जोर है। नई तारीख पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है।

महाधिवेशन को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद भी

तारीख बदलने की चर्चा केवल खराब मौसम और बंद सड़कों तक सीमित नहीं है। नेपाली कांग्रेस के भीतर 15वें महाधिवेशन के समय और प्रक्रिया को लेकर पहले से अलग-अलग धार हैं।

संस्थापन पक्ष देशभर में वडा और क्षेत्रीय स्तर के अधिवेशन आगे बढ़ा रहा है। उसकी तैयारी मौजूदा प्रक्रिया को जारी रखते हुए कुछ दिनों के बदलाव के बाद केंद्रीय महाधिवेशन कराने की है।

दूसरी ओर, निवर्तमान सभापति शेरबहादुर देउवा से जुड़ा पक्ष अलग कार्यतालिका के साथ आगे बढ़ रहा है। इस समूह ने 21 से 23 मंसिर के बीच महाधिवेशन कराने की तैयारी की है। उसकी ओर से वडा अधिवेशन के लिए 15 असोज की तारीख तय की गई है।

अब नजर नई तारीख और अंदरूनी सहमति पर

इस तरह कांग्रेस के सामने फिलहाल दो सवाल एक साथ हैं। पहला, बाढ़ और भूस्खलन से बने हालात के बीच महाधिवेशन की नई तारीख क्या होगी। दूसरा, महाधिवेशन के समय और प्रक्रिया को लेकर पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद को कैसे संभाला जाएगा।

संस्थापन पक्ष अगर महाधिवेशन कुछ दिन आगे बढ़ाता है तो नई कार्यतालिका जल्द सामने आ सकती है। फिलहाल नेताओं की चर्चा 19 से 21 असोज के आसपास कार्यक्रम शुरू करने के विकल्पों पर केंद्रित है।

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