रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक हमला किया है। रातभर ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रहे, जबकि रूस ने एक बार फिर अपने शक्तिशाली हाइपरसोनिक ‘ओरेश्निक’ बैलिस्टिक मिसाइल के इस्तेमाल की पुष्टि की है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने रविवार को टेलीग्राम पर जानकारी देते हुए कहा कि कीव क्षेत्र के बिला त्सेरक्वा शहर पर ओरेश्निक मिसाइल दागी गई। मिसाइल का लक्ष्य क्या था, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका, लेकिन यूक्रेन युद्ध में इस हथियार का यह तीसरा इस्तेमाल माना जा रहा है।
रातभर चले हमलों में कीव और आसपास के इलाकों में कई लोगों की मौत हुई है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए गए हैं। रिहायशी इमारतों, स्कूलों, गोदामों और बाजार क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है। राजधानी के कई हिस्सों में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी ओरेश्निक समेत कई मिसाइल प्रणालियों के इस्तेमाल की पुष्टि की है। मॉस्को का दावा है कि हमलों में यूक्रेन के सैन्य कमांड सेंटर, एयरबेस और रक्षा उद्योग से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।
रूस ने कहा कि यह हमला हाल के उन हमलों के जवाब में किया गया है जिन्हें उसने रूसी नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर यूक्रेनी कार्रवाई बताया है।
कीव पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से हमला
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार रूस ने एक ही रात में करीब 600 हमला करने वाले ड्रोन और 90 मिसाइलें दागीं।
यूक्रेन का कहना है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन कई हमले राजधानी तक पहुंचने में सफल रहे।
कीव प्रशासन के मुताबिक शहर के दर्जनों इलाकों में नुकसान दर्ज किया गया है।
शेवचेंकिव्स्की जिले में एक रिहायशी इमारत में आग लग गई। स्कूल, बाजार और गोदाम भी हमलों की चपेट में आए। कई जगह मिसाइल और ड्रोन के मलबे गिरने से आग भड़क गई।
स्थानीय लोगों ने इसे युद्ध शुरू होने के बाद की सबसे भयावह रातों में से एक बताया है।
फिर इस्तेमाल हुआ ‘ओरेश्निक’ मिसाइल
ओरेश्निक मिसाइल का पहली बार इस्तेमाल 2024 के आखिर में यूक्रेन के ड्नीप्रो शहर पर किया गया था। इसके बाद इस साल की शुरुआत में पश्चिमी यूक्रेन में भी इसका उपयोग हुआ।
रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin पहले दावा कर चुके हैं कि यह मिसाइल अत्यधिक गति से उड़ती है और भूमिगत बंकरों को भी तबाह कर सकती है। रूस का कहना है कि इसमें परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के वारहेड लगाए जा सकते हैं।
हमले से पहले ही राष्ट्रपति जेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि रूस बड़े स्तर पर संयुक्त हमला करने की तैयारी कर रहा है, जिसमें ओरेश्निक मिसाइल का इस्तेमाल भी हो सकता है।
यह चेतावनी रूस नियंत्रित लुहान्स्क क्षेत्र के स्टारोबिल्स्क में हुए हमले के बाद आई थी। मॉस्को ने उस हमले में 20 से अधिक लोगों की मौत का दावा करते हुए इसके लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया था।
हालांकि यूक्रेन ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार करते हुए कहा कि उसके हमले रूसी सैन्य ढांचे पर केंद्रित थे।
यूरोपीय नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
रूस द्वारा ओरेश्निक मिसाइल इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि के बाद यूरोपीय नेताओं ने इसकी आलोचना की है।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने कहा कि मॉस्को डर और दबाव की राजनीति कर रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इसे तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया, जबकि जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने हमले की कड़ी निंदा की।
पिछले कुछ हफ्तों में रूस और यूक्रेन दोनों ने मोर्चे से दूर स्थित इलाकों पर लंबी दूरी के हमले तेज कर दिए हैं। अब युद्ध का असर फिर बड़े शहरों और नागरिक इलाकों तक साफ दिखाई देने लगा है।