सोनम वांगचुक के साथ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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सोनम वांगचुक के साथ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

शिक्षा विवाद पर दिल्ली में प्रदर्शन, सोनम वांगचुक भी पहुंचे

राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों और कथित अनियमितताओं के बीच शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस विरोध कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए, जिससे प्रदर्शन में मौजूद छात्रों और युवाओं का उत्साह बढ़ गया।

यह प्रदर्शन युवा केंद्रित संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने एनईईटी-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य विवादों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की।

वांगचुक हाथ में गुलाब का फूल लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों को केवल परीक्षा प्रबंधन तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक यह देश के भविष्य और युवाओं के भरोसे से जुड़ा सवाल है। उन्होंने सरकारी स्कूलों, खासकर दूरदराज के इलाकों में शिक्षा सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।

हाल के दिनों में शिक्षा मंत्रालय पर दबाव बढ़ा है। एक ओर एनईईटी-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक का मामला चर्चा में है, वहीं कक्षा 12 की मूल्यांकन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में इस्तेमाल की गई ऑनलाइन प्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन्हीं मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।

फूल और किताब के साथ विरोध

प्रदर्शन का नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया। वे भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जीवनी लेकर जंतर-मंतर पहुंचे।

दीपके ने प्रदर्शन में शामिल लोगों से राष्ट्रीय ध्वज और किताबें लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की। साथ ही उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को सद्भावना के प्रतीक के रूप में फूल देने का भी आग्रह किया।

वांगचुक के पहुंचने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने की मांग करते हुए नारे भी लगाए।

व्यंग्य अभियान से बना राजनीतिक मंच

कक्रोच जनता पार्टी की शुरुआत कुछ सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी। लेकिन कम समय में इसने युवाओं के बीच अपनी पहचान बना ली।

संगठन खुद को “युवाओं के लिए, युवाओं द्वारा” चलाया जा रहा अभियान बताता है। सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुए इस मंच का दावा है कि उससे बड़ी संख्या में युवा जुड़ चुके हैं। संगठन ने अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को अपने प्रवक्ता के रूप में सामने लाने की भी बात कही है।

कौन हैं अभिजीत दीपके

महाराष्ट्र के रहने वाले 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद अमेरिका में उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने बोस्टन विश्वविद्यालय से पब्लिक रिलेशंस में स्नातकोत्तर किया है।

इससे पहले वे आम आदमी पार्टी के साथ भी काम कर चुके हैं। पार्टी के सोशल मीडिया अभियानों और चुनावी रणनीति से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका रही है।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ती बहस, युवाओं की नाराजगी और सोशल मीडिया से उभरे नए राजनीतिक अभियानों के बीच जंतर-मंतर का यह प्रदर्शन अब राष्ट्रीय शिक्षा चर्चा का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

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