नेपाल के पूर्व गृह मंत्री और प्रतिनिधि सभा सदस्य सुदन गुरुङ ने अपने खिलाफ प्रकाशित समाचारों को लेकर प्रेस काउंसिल नेपाल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों पर भ्रामक, अपमानजनक और चरित्र हत्या करने वाली सामग्री प्रकाशित करने का आरोप लगाया है, जिसका उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना बताया गया है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि सुदन गुरुङ एक महिला के साथ एक रिसॉर्ट गए थे और इस मामले से जुड़े कथित प्रमाण पुलिस के नियंत्रण में लिए गए। रिपोर्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई और मामला नेपाल में गोपनीयता, पत्रकारिता की नैतिकता तथा सनसनीखेज रिपोर्टिंग को लेकर चर्चा का विषय बन गया।
विवादित रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?
विवादित रिपोर्ट में कहा गया था कि गुरुङ भोटेकोशी हेलि रिसॉर्ट में ठहरे थे, जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने रिसॉर्ट परिसर का दौरा किया। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने सीसीटीवी से जुड़े उपकरण अपने नियंत्रण में लिए और रिसॉर्ट कर्मचारियों से पूछताछ की।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि रिसॉर्ट प्रबंधन ने गुरुङ और उनके साथ मौजूद महिला से पहचान संबंधी जानकारी मांगी थी, जबकि पुलिस ने लगभग दो महीने पुराने निगरानी फुटेज की मांग की थी।
जैसे-जैसे यह खबर सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर फैलती गई, कई अप्रमाणित दावे और कथाएँ भी सामने आने लगीं। इसके बाद गुरुङ ने इसे अपनी निजी प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन पर सीधा हमला बताया।
सुदन गुरुङ ने पत्रकारिता की नैतिकता पर उठाए सवाल
प्रेस काउंसिल नेपाल में दर्ज शिकायत में सुदन गुरुङ ने कहा कि उनकी निजी पारिवारिक यात्रा को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने पत्रकार दिनेश थापा पर गैर-जिम्मेदार और अनैतिक पत्रकारिता करने का आरोप लगाया है।
गुरुङ ने प्रेस काउंसिल ऐन 2048 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि संबंधित प्रकाशन ने पेशेवर मर्यादा और कानूनी सीमाओं का उल्लंघन किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिना पुष्टि किए गए दावों को सार्वजनिक रूप से प्रसारित कर उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
भोटेकोशी हेलि रिसॉर्ट ने जारी किया कानूनी चेतावनी वाला बयान
विवाद बढ़ने के बाद भोटेकोशी हेलि रिसॉर्ट एंड स्पा ने भी एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए ऑनलाइन फैलाए जा रहे दावों से खुद को अलग बताया है।
रिसॉर्ट प्रबंधन ने कहा कि उनका व्यवसाय पूरी तरह कानूनी और जिम्मेदार तरीके से संचालित हो रहा है तथा कुछ व्यक्ति और मीडिया प्लेटफॉर्म संस्थान को असंबंधित विवादों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
बयान में कहा गया कि पुलिस जांच के दौरान हुई सामान्य पूछताछ को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया। रिसॉर्ट ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने स्वयं को पत्रकार बताकर कर्मचारियों पर दबाव बनाया और ऐसे बयान लेने की कोशिश की, जिनसे संस्थान की विश्वसनीयता और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचे।
रिसॉर्ट ने चेतावनी दी कि यदि झूठी और अपमानजनक सामग्री का प्रकाशन और प्रसार जारी रहता है, तो वह नेपाल के आपराधिक संहिता तथा गोपनीयता संबंधी कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई करेगा।
बयान में यह भी कहा गया कि इस विवाद का असर रिसॉर्ट की प्रतिष्ठा, व्यावसायिक विश्वसनीयता और सार्वजनिक विश्वास पर पड़ा है।