लक्ष्मी महतो कोइरी को रिहा करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश

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नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने नेकपा एमाले के पूर्व सांसद लक्ष्मी महतो कोइरी को जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि उन्हें जेल भेजने के लिए जारी किया गया कैदी वारंट कानून के मुताबिक नहीं था।

न्यायाधीश श्रीकांत पौडेल और कुमार रेग्मी की संयुक्त पीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। पीठ ने पिछले असार 19 को जारी कैदी वारंट के कानूनी आधार पर सवाल उठाया और कोइरी को तुरंत हिरासत से मुक्त करने को कहा।

पांच साल की सजा के बाद हुए थे गिरफ्तार

थमन विक हत्या मामले में उच्च अदालत जनकपुर ने कोइरी को पांच साल कैद की सजा सुनाई थी। फैसला आने के अगले ही दिन उन्हें गिरफ्तार कर जलेश्वर जेल भेज दिया गया था।

हालांकि, कोइरी को जेल में रखने के लिए जारी किए गए दस्तावेज की वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि जिस कैदी वारंट के आधार पर उन्हें जेल भेजा गया, वह कानून के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया।

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यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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