बाजुरा में भूस्खलन, एक लापता; पश्चिम नेपाल में भारी बारिश का खतरा

Hindi News Desk
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बाजुरा में भूस्खलन, एक लापता; पश्चिम नेपाल में भारी बारिश का खतरा

पश्चिम नेपाल में लगातार हो रही मानसूनी बारिश अब जान-माल के लिए खतरा बढ़ा रही है। बाजुरा में आधी रात को हुए भूस्खलन से दो घर क्षतिग्रस्त हो गए। एक व्यक्ति लापता है और दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। वहीं रोल्पा में घर के भीतर बैठे 59 वर्षीय व्यक्ति की बिजली गिरने से मौत हो गई।

शुक्रवार को भी हालात आसान होने के संकेत नहीं हैं। मौसम पूर्वानुमान महाशाखा ने कर्णाली और सुदूरपश्चिम के कुछ पहाड़ी इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा है और पहाड़ी जमीन कमजोर हुई है। इसका असर बचाव कार्य और आवाजाही पर भी पड़ने लगा है।

बाजुरा में आधी रात को दो घरों पर गिरा मलबा

बाजुरा की त्रिवेणी नगरपालिका-9 के ताम्सु में भूस्खलन से स्थानीय धर्म थापा और कर्णबहादुर थापा के घरों को नुकसान पहुंचा है। जिला पुलिस कार्यालय बाजुरा के मुताबिक घटना में दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। एक व्यक्ति का अब तक पता नहीं चल सका है।

इलाके में सावन 28 की शाम से लगातार बारिश हो रही थी। रात करीब 12:10 बजे स्थानीय टेकबहादुर थापा ने फोन कर जिला पुलिस कार्यालय को भूस्खलन की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही बडिमालिका पुलिस चौकी से सहायक पुलिस निरीक्षक रामबहादुर चन्द के नेतृत्व में चार पुलिसकर्मी ताम्सु के लिए निकले। लेकिन रास्ते में ताम्सु खोला उफान पर था। पानी का बहाव इतना तेज था कि पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी।

इसके बाद बचाव के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया। सुबह करीब चार बजे बर्जुगाड पुलिस चौकी और अस्थायी पुलिस बेस कैंप से टीमें रवाना की गईं। करीब एक घंटे बाद जिला पुलिस कार्यालय बाजुरा से पुलिस उपाधीक्षक शैलेश्वरी बोहरा के नेतृत्व में 17 पुलिसकर्मियों की टीम जरूरी बचाव सामग्री के साथ घटनास्थल की ओर भेजी गई।

ताम्सु गांव बडिमालिका पुलिस चौकी से करीब चार किलोमीटर उत्तर में है। बारिश जारी रहने और खोले में पानी बढ़ने के कारण लापता व्यक्ति की तलाश में मुश्किल आ रही है।

यह स्थिति पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान एक दूसरी चुनौती भी सामने ला रही है। हादसा होने के बाद बचाव दल तैयार है, लेकिन उफनते खोले और बंद होते रास्ते उन्हें समय पर प्रभावित बस्ती तक पहुंचने नहीं दे रहे।

रोल्पा में घर के भीतर गिरी बिजली, 59 वर्षीय व्यक्ति की मौत

रोल्पा में गुरुवार रात बारिश के साथ गिरी बिजली ने एक व्यक्ति की जान ले ली।

लुङ्ग्री गांवपालिका-1 खदर के 59 वर्षीय वीरबहादुर खत्री अपने घर में थे, तभी उन्हें बिजली लगी। घायल हालत में उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य संस्थान ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

जिला पुलिस कार्यालय रोल्पा के कार्यवाहक सूचना अधिकारी और पुलिस निरीक्षक कृष्ण श्रेष्ठ ने घटना की पुष्टि की है।

कर्णाली और सुदूरपश्चिम में ज्यादा खतरा

नेपाल में इस समय मानसूनी हवा सक्रिय है। मौसम पूर्वानुमान महाशाखा के मुताबिक मानसून की न्यून दबाव रेखा पूर्वी हिस्से में अपनी औसत स्थिति के आसपास है, जबकि पश्चिम में यह सामान्य से उत्तर यानी नेपाल के ज्यादा करीब बनी हुई है।

शुक्रवार दिन में देश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। कई प्रदेशों में गरज और बिजली के साथ मध्यम बारिश हो सकती है।

गंडकी, लुम्बिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम के हिमालयी और पहाड़ी इलाकों में कई जगह बारिश का अनुमान है। कोशी और बागमती के हिमालयी तथा पहाड़ी हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर गरज-बिजली के साथ मध्यम बारिश हो सकती है।

सबसे ज्यादा चिंता पश्चिमी हिस्सों को लेकर है। गंडकी, लुम्बिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम के हिमालयी, पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है। बागमती के पहाड़ी इलाकों में भी एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

कर्णाली और सुदूरपश्चिम के हिमालयी और पहाड़ी क्षेत्रों में एक-दो जगह बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

रात में भी बारिश पूरी तरह थमने की संभावना नहीं है। देशभर में सामान्य तौर पर बादल छाए रहेंगे। हिमालयी और पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ जगह और तराई के कुछ हिस्सों में मध्यम स्तर तक बारिश हो सकती है। बागमती, गंडकी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम के पहाड़ी इलाकों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश का खतरा बना रहेगा।

बारिश के बीच बचाव भी बन रहा चुनौती

बाजुरा की घटना ने दिखाया है कि दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के दौरान खतरा सिर्फ भूस्खलन या बाढ़ तक सीमित नहीं रहता। रास्ते बंद होने और खोले उफान पर आने के बाद बचाव दल का घटनास्थल तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।

ऐसे में भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए पहिरो, बाढ़ और बिजली गिरने के खतरे को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। खासकर कमजोर ढलानों, उफनते खोले और बारिश से प्रभावित रास्तों के आसपास जोखिम बढ़ा हुआ है।

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यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।