काठमांडू में ट्रैफिक जुर्माना बकाया, सरकारी सेवाओं पर रोक

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काठमांडू घाटी में लंबे समय से ट्रैफिक जुर्माना जमा नहीं करने वाले वाहन चालकों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। काठमांडू घाटी ट्रैफिक पुलिस कार्यालय ने ऐसे दो लाख 61 हजार से अधिक चालकों का ब्योरा परिवहन व्यवस्था कार्यालय को भेज दिया है। इसके बाद बकाया जुर्माना चुकाए बिना कई जरूरी सरकारी सेवाएं नहीं मिलेंगी।

अब जिन चालकों पर ट्रैफिक जुर्माना बाकी है, वे नया वाहन पंजीकरण, वाहन खरीद, स्वामित्व हस्तांतरण, ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण और परिवहन व्यवस्था कार्यालय से मिलने वाली अन्य सेवाओं का लाभ नहीं उठा सकेंगे। ये सेवाएं तभी बहाल होंगी जब पूरा जुर्माना सरकारी राजस्व कोष में जमा कर दिया जाएगा।

सेवा देने से पहले होगी जुर्माना जांच

काठमांडू घाटी ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के पुलिस उपरीक्षक नरेशराज सुवेदी के अनुसार, लंबे समय से जुर्माना नहीं भरने वाले चालकों की सूची के आधार पर यह व्यवस्था लागू की गई है। अब परिवहन व्यवस्था कार्यालय किसी भी नई सेवा से पहले यह सुनिश्चित करेगा कि संबंधित चालक ने ट्रैफिक जुर्माना जमा किया है या नहीं।

मोबाइल संदेश से भी दी जा रही जानकारी

बकाया जुर्माना रखने वाले चालकों तक सूचना पहुंचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने मोबाइल एसएमएस भेजने का अभियान भी शुरू किया है। इसका उद्देश्य यह है कि चालक समय रहते अपने ऊपर लंबित जुर्माने की जानकारी हासिल कर सकें और उसे जमा कर दें।

सिर्फ राजस्व नहीं, सड़क अनुशासन भी मकसद

ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह कदम केवल सरकारी राजस्व की वसूली के लिए नहीं उठाया गया है। इसका उद्देश्य सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना और जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है।

पुलिस का मानना है कि नियम तोड़ने के बाद जुर्माना नहीं भरने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी थी। इससे यातायात नियमों के पालन को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

चालकों से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, निर्धारित समय के भीतर जुर्माना जमा करें और किसी भी सरकारी सेवा के लिए आवेदन करने से पहले अपने ट्रैफिक जुर्माने की स्थिति एक बार जरूर जांच लें।

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यह सामग्री AI की सहायता से अनुवादित की गई है, लेकिन प्रकाशन से पूर्व इसकी संपादकीय समीक्षा और तथ्यात्मक सत्यापन किया गया है।

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