रेखा थापा ने करों की सूची साझा कर सरकार पर कसा तंज

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रेखा थापा ने करों की सूची साझा कर सरकार पर कसा तंज

अभिनेत्री रेखा थापा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, शेयर कारोबार और राइड शेयरिंग सेवाओं पर लगाए जाने वाले करों को लेकर सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने फेसबुक पर अलग-अलग करों की सूची साझा की और आखिर में ‘स्वर्णिम नेपाल’ लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

रेखा की पोस्ट ऐसे समय आई है, जब नए कर और बढ़ती लागत को लेकर आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक चिंता बढ़ रही है। उनकी टिप्पणी को भी सरकार की कर नीति पर व्यंग्य के रूप में देखा जा रहा है।

पोस्ट में गिनाए छह तरह के कर

रेखा थापा ने अपनी पोस्ट में छह करों का जिक्र किया है।

  • शिक्षा पर 3 प्रतिशत कर
  • स्वास्थ्य पर 3 प्रतिशत कर
  • बिजली पर 5 प्रतिशत वैट
  • औद्योगिक बिजली पर 13 प्रतिशत वैट
  • राइड शेयरिंग सेवा पर 5 प्रतिशत कर
  • शेयर खरीद-बिक्री पर 10 प्रतिशत पूंजीगत लाभ कर

इस सूची के बाद उन्होंने ‘स्वर्णिम नेपाल’ लिखा। साथ में इस्तेमाल किए गए भाव से साफ है कि यह तारीफ नहीं, बल्कि सरकार की नीति पर कटाक्ष था।

उनकी पोस्ट का सीधा संदेश यही है कि कर का दायरा बढ़ने से नागरिकों और व्यवसायों पर आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों से लेकर बिजली और रोजमर्रा की सेवाओं तक कर का असर पड़ने पर आम परिवारों का खर्च भी बढ़ेगा।

कर नीति पर बढ़ सकती है बहस

राइड शेयरिंग सेवा पर कर लगने से यात्रियों का किराया बढ़ने की आशंका है। वहीं शेयर कारोबार पर पूंजीगत लाभ कर बढ़ने का असर छोटे निवेशकों पर भी पड़ सकता है।

औद्योगिक बिजली पर 13 प्रतिशत वैट का मुद्दा कारोबार और उत्पादन लागत से जुड़ा है। उद्योगों का खर्च बढ़ने पर उसका असर वस्तुओं की कीमत और रोजगार तक पहुंच सकता है।

फिल्मों के साथ राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी खुलकर राय रखती रही रेखा थापा की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर करों के औचित्य और उनके असर को लेकर बहस तेज हो सकती है। सवाल यही है कि राजस्व बढ़ाने की सरकारी कोशिश का बोझ आखिर किस हद तक आम नागरिकों को उठाना पड़ेगा।

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