बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों के निरीक्षण पर पहुंचे कुलमान घिसिंग
त्रिशूली नदी में आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों की स्थिति देखने कुलमान घिसिंग मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित बस्तियों का जायजा लिया और वहां मुश्किल हालात से गुजर रहे लोगों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
घिसिंग ने कहा कि इस समय सबसे पहली जरूरत प्रभावित लोगों के बचाव और राहत की है। जिन परिवारों पर बाढ़ का सीधा असर पड़ा है, उन तक जरूरी मदद जल्द पहुंचनी चाहिए।
प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने पर जोर
स्थलगत निरीक्षण के दौरान घिसिंग ने प्रभावित क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकारी निकायों के साथ स्थानीय समुदाय और सहयोग कर सकने वाले सभी पक्षों को सक्रिय रहना चाहिए।
बाढ़ के बाद कई नागरिक कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में राहत और सहयोग के काम में देरी नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता में रखा जाना जरूरी है।
आपदा के समय मिलकर काम करने की अपील
घिसिंग ने प्रभावित नागरिकों के साथ खड़े होने और उनकी मदद में जुटने की अपील भी की। उनका कहना था कि विपदा के समय केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होते, स्थानीय स्तर पर भी सहयोग और समन्वय जरूरी होता है।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत का काम प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही पीड़ित परिवारों की तत्काल जरूरतों और समस्याओं को समझकर उसी आधार पर सहायता पहुंचाने की बात कही।
त्रिशूली में आई बाढ़ के बाद फिलहाल प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, बचाव और राहत सबसे अहम मुद्दा बना हुआ है। ऐसे समय में प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाना और उनकी मुश्किलों का जल्द समाधान करना प्राथमिकता में रखने की जरूरत है।
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