बाढ़ के बाद हैजा का खतरा, नुवाकोट भेजी गईं 80 हजार वैक्सीन डोज
बाढ़ से खाने के पानी के स्रोत और सफाई व्यवस्था को नुकसान पहुंचने के बाद नुवाकोट और रसुवा में हैजा समेत पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए सरकार ने प्रभावित इलाकों में हैजा रोधी टीकाकरण की तैयारी तेज कर दी है।
स्वास्थ्य तथा खाद्य स्वच्छता मंत्रालय ने मंगलवार को नुवाकोट के लिए हैजा रोधी वैक्सीन की 80 हजार 523 खुराक भेजी हैं। वैक्सीन को 23 बक्सों में रखा गया है। इसके साथ तापमान बनाए रखने और सुरक्षित तरीके से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने के लिए जरूरी सामान भी भेजा गया है।
नुवाकोट भेजे गए वैक्सीन कैरियर और आइस पैक
नुवाकोट में 10 फ्रिज-फ्री वैक्सीन कैरियर भेजे गए हैं। इसके अलावा 0.6 लीटर क्षमता वाले 220 आइस पैक और आठ फ्रिज टैग भी उपलब्ध कराए गए हैं।
इनका इस्तेमाल वैक्सीन को तय तापमान पर सुरक्षित रखने में होगा। बाढ़ के बाद कई जगह आवाजाही और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मुश्किल हो सकती है, ऐसे में वैक्सीन की सुरक्षित ढुलाई भी अभियान का अहम हिस्सा है।
रसुवा में इसकी तैयारी पहले ही आगे बढ़ चुकी है। वहां हैजा रोधी वैक्सीन हेलिकॉप्टर से पहुंचाई जा चुकी है और गुरुवार से टीकाकरण अभियान शुरू करने की तैयारी है।
दूषित पानी से संक्रमण का खतरा
बाढ़ उतरने के बाद भी स्वास्थ्य से जुड़ा खतरा खत्म नहीं होता। पानी के स्रोत दूषित होने, शौचालयों को नुकसान पहुंचने और सफाई व्यवस्था बिगड़ने से लोगों के लिए सुरक्षित पानी की उपलब्धता कम हो सकती है।
ऐसे हालात में हैजा और दूसरी पानी से फैलने वाली बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। खासकर उन बस्तियों में चिंता ज्यादा रहती है जहां बाढ़ के कारण पीने के पानी और साफ-सफाई की सामान्य व्यवस्था प्रभावित हुई है।
मंत्रालय इसी खतरे को देखते हुए नुवाकोट और रसुवा को प्राथमिकता दे रहा है। कोशिश है कि संक्रमण फैलने से पहले टीकाकरण शुरू हो और प्रभावित इलाकों में जरूरी स्वास्थ्य सामग्री भी समय पर उपलब्ध रहे।
फिलहाल जोर सिर्फ वैक्सीन पहुंचाने पर नहीं है। उसे सुरक्षित तापमान में रखने, दूर के इलाकों तक ले जाने और अभियान के दौरान जरूरी स्वास्थ्य सामग्री की कमी न होने देने की तैयारी भी साथ-साथ की जा रही है।
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