विष्णु पौडेल को साधारण तारीख पर रिहा करने का अदालती आदेश
विशेष अदालत ने पूर्व अर्थमंत्री विष्णु पौडेल को सामान्य तारीख पर छोड़ते हुए मुकदमे की आगे की प्रक्रिया में शामिल होने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि अभी तक मिले सबूत उन्हें हिरासत में रखने या जमानत मांगने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
न्यायाधीश नारायण प्रसाद पौडेल, डिल्लीरत्न श्रेष्ठ और विदुर कोइराला की पीठ ने यह आदेश दिया। पीठ के मुताबिक, अब तक पेश किए गए दस्तावेजों और अन्य सबूतों से मामले में पौडेल की सीधी भूमिका साफ नहीं होती।
दीपक भट्ट से लेनदेन का सबूत नहीं
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पौडेल ने उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। दीपक भट्ट के साथ किसी तरह का वित्तीय लेनदेन होने का ठोस आधार भी फिलहाल सामने नहीं आया है।
जांच के दौरान ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि पौडेल ने भट्ट से संपत्ति, पैसा या कोई दूसरा लाभ लिया था।
इसी आधार पर अदालत ने माना कि उन्हें हिरासत में रखकर मुकदमा चलाने की जरूरत नहीं है। पीठ ने जमानत या धरौटी की शर्त लगाने से भी इनकार कर दिया।
सुर्खेत से हिरासत में लिए गए थे
संपत्ति शुद्धीकरण जांच विभाग ने पौडेल को असार 8 गते सुर्खेत से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया।
अदालत के ताजा आदेश के बाद पौडेल अब हिरासत से बाहर रहकर मामले की कानूनी प्रक्रिया में शामिल होंगे। मुकदमा जारी रहेगा और आगे आने वाले सबूतों के आधार पर अदालत अगली सुनवाई करेगी।
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