काठमांडू महानगरपालिका ने गोरखा मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड को आखिरकार 15 दिन के भीतर भवन खाली करने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। इसी भवन से ग्यालेक्सी 4के टेलिभिजन संचालन में है। लंबे समय से चल रहे किराया विवाद और अदालत के आदेश के बाद अब मामला फिर तेज हो गया है।
महानगरपालिका ने मंगलवार को जारी सूचना में साफ कहा है कि तय समय के भीतर भवन खाली नहीं किया गया तो अंदर मौजूद सामान और उपकरण कानूनी प्रक्रिया के तहत नीलाम किए जाएंगे।
यह विवाद काफी समय से अदालत और महानगरपालिका के बीच अटका हुआ था।
मामला तब शुरू हुआ था जब काठमांडू-3 के घर मालिक मृगेन्द्र प्रसाद मिश्र ने गोरखा मीडिया नेटवर्क और उसके अध्यक्ष जीबी राई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि कंपनी लंबे समय से घर का किराया नहीं दे रही और भवन भी खाली नहीं कर रही।
अदालत के आदेश के बाद भी नहीं हुआ पालन
काठमांडू महानगरपालिका की न्यायिक समिति ने इससे पहले गोरखा मीडिया नेटवर्क को बकाया किराया चुकाने, किराया कर जमा करने और 2081 साल के कात्तिक 14 तक भवन खाली करने का आदेश दिया था।
लेकिन आदेश लागू नहीं हो पाया।
बाद में मामला पाटन उच्च अदालत पहुंचा। अदालत ने 2082 साल के श्रावण 28 को महानगरपालिका को दो महीने के भीतर फैसला लागू करने का निर्देश दिया।
इसके बाद महानगरपालिका की टीम 2082 साल के कात्तिक 14 को भवन खाली करवाने पहुंची थी। मगर छह महीने बीत जाने के बाद भी भवन खाली नहीं हुआ।
इसके बाद घर मालिक ने फिर आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। उसी के बाद महानगरपालिका ने नया अंतिम नोटिस जारी किया है।
- गोरखा मीडिया नेटवर्क को 15 दिन के भीतर पूरा भवन खाली करने को कहा गया है।
- कंपनी को घर मालिक का बकाया किराया भी चुकाने का निर्देश दिया गया है।
- महानगरपालिका ने चेतावनी दी है कि भवन में बचा सामान नीलाम किया जा सकता है।
अब भी फरार हैं जीबी राई
सहकारी फंड हेराफेरी मामले में जीबी राई अब भी फरार बताए जा रहे हैं। इस मामले ने नेपाल की राजनीति में भी बड़ा असर डाला है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि सहकारी संस्थाओं का पैसा गोरखा मीडिया नेटवर्क के जरिए ग्यालेक्सी 4के टेलिभिजन में लगाया गया था।
इसी मामले में राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के सभापति रवि लामिछाने भी जांच और अदालत की प्रक्रिया में शामिल हैं।