ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर खुली सैन्य टकराव की दिशा में बढ़ता दिख रहा है। दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी पांचवें नौसैनिक बेड़े से जुड़े ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया है।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी कार्रवाई जारी रहती है तो जवाबी कदम और सख्त हो सकते हैं। तेहरान लगातार यह कहता रहा है कि उसकी जमीन पर किसी भी सैन्य हमले का जवाब दिया जाएगा।
दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई
ईरानी स्रोतों के अनुसार अमेरिकी सेना ने जास्क, सीरिक और केश्म द्वीप समेत दक्षिणी ईरान के कुछ रणनीतिक इलाकों में निशाना बनाकर कार्रवाई की है। सीरिक के बेमानी क्षेत्र में दूरसंचार ढांचे को नुकसान पहुंचने और दो पानी टंकियों के नष्ट होने की खबर है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में बंदर अब्बास, जास्क, सीरिक और केश्म के आसपास कई विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की जानकारी दी गई है। ये सभी इलाके होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब हैं, जिसे दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है।
अपाचे हेलिकॉप्टर की घटना के बाद हालात बदले
तनाव बढ़ने के पीछे हाल में हुई एक सैन्य घटना को भी अहम माना जा रहा है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास गश्त कर रहे एक अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमला हुआ था। दोनों पायलटों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन वाशिंगटन ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती के तौर पर देखा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हालिया हमलों को “अनुपातिक प्रतिक्रिया” बताया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जरूरी जवाब दिया गया है, हालांकि उन्होंने कूटनीतिक बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होने का संकेत भी दिया।
तेहरान का संदेश: जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि किसी भी हमले या दबाव को बिना जवाब नहीं छोड़ा जाएगा। ईरानी नेतृत्व लंबे समय से यह रुख अपनाता रहा है कि प्रतिरोध क्षमता ही उसकी सुरक्षा नीति का प्रमुख आधार है।
देश के कई राजनीतिक और रणनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि अगर सैन्य कार्रवाई का जवाब नहीं दिया गया तो इससे कमजोरी का संदेश जाएगा और भविष्य में दबाव और बढ़ सकता है।
वार्ता की कोशिशों पर बढ़ता दबाव
हालिया घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीदों को झटका दिया है। एक तरफ विभिन्न माध्यमों से बातचीत की कोशिशें जारी हैं, दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला भी तेज होता दिख रहा है।
अब तक अमेरिकी हमलों में किसी बड़े मानवीय नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ती अस्थिरता ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
- अमेरिका ने जास्क, सीरिक और केश्म क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है।
- ईरान ने बहरीन में अमेरिकी पांचवें नौसैनिक बेड़े से जुड़े ठिकानों पर ड्रोन हमला करने का दावा किया है।
- दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में विस्फोटों और वायु सुरक्षा गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं।
- तेहरान ने आगे भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन क्षेत्रीय तनाव कम होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं।