केन्या के हॉस्टल में दर्दनाक हादसा, १६ की जान गई

Read this article also in : English

केन्या के रिफ्ट वैली इलाके में एक गर्ल्स स्कूल के हॉस्टल में देर रात लगी आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस हादसे में कम से कम १६ छात्राओं की मौत हो गई, जबकि कई छात्राएं घायल हैं। कुछ की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।

घटना पश्चिम-मध्य केन्या के गिलगिल इलाके में स्थित ‘उतुमिशी गर्ल्स एकेडमी’ में हुई। आग गुरुवार देर रात उस वक्त लगी जब छात्राएं हॉस्टल में सो रही थीं। देखते ही देखते आग ने पूरे छात्रावास को अपनी चपेट में ले लिया।

केन्या के शिक्षा मंत्री जूलियस ओगाम्बा ने बताया कि हादसे में ७९ छात्राएं घायल हुई हैं। इनमें से ज्यादातर को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, लेकिन कुछ छात्राओं का इलाज अभी जारी है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग हॉस्टल के ऊपरी हिस्से से फैली। कई छात्राओं ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगाई। भगदड़ और अफरा-तफरी में भी कई छात्राएं घायल हो गईं।

स्थानीय टीवी चैनलों पर दिखाई गई तस्वीरों में जली हुई इमारत, टूटे शीशे और धुएं से काली पड़ी दीवारें नजर आईं। स्कूल के बाहर बड़ी संख्या में परिजन जमा रहे। कई लोग अपने बच्चों की जानकारी लेने के लिए रातभर स्कूल के बाहर खड़े रहे।

पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने की वजह साफ नहीं हो सकी है।

केन्या में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

केन्या में बोर्डिंग स्कूलों में आग लगने की घटनाएं नई नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्रों की जान गई है।

विशेषज्ञ लंबे समय से खराब सुरक्षा व्यवस्था, जरूरत से ज्यादा भीड़ वाले छात्रावास और आपातकालीन निकासी की कमजोर व्यवस्था को ऐसे हादसों की बड़ी वजह मानते रहे हैं।

साल २००१ में राजधानी नैरोबी के पास एक स्कूल में लगी आग में ६७ छात्रों की मौत हुई थी। इसके बाद भी कई स्कूलों में आग की घटनाएं सामने आती रही हैं।

पिछले साल भी मध्य केन्या के एक बोर्डिंग स्कूल में आग लगने से २१ लोगों की जान गई थी। उस हादसे की वजह भी साफ तौर पर सामने नहीं आ पाई थी।

Google Add as preferred on Google