राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सांसद मिङ्मा डेविड शेर्पा सफल एवरेस्ट अभियान पूरा करने के बाद काठमांडू लौट आए हैं। संघीय संसद के लोगो वाला झंडा लेकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचने वाले शेर्पा की इस यात्रा को नेपाल में अलग नजर से देखा जा रहा है। पर्वतारोहण और राजनीति, दोनों क्षेत्र में इसकी चर्चा हो रही है।
शेर्पा ने बुधवार सुबह ५ बजकर ४० मिनट पर सगरमाथा की चोटी पर पहुंचकर अभियान पूरा किया था। उन्होंने “फ्रम हाउस टु द पीक” नारे के साथ यह अभियान शुरू किया था। उनका कहना है कि इस यात्रा के जरिए उन्होंने संसद से लेकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक नेपाल की पहचान पहुंचाने की कोशिश की।
एवरेस्ट से लौटकर बेस कैंप पहुंचने के बाद उन्होंने फेसबुक पर अपनी सफलता की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा था कि ९ दिन के अभियान के बाद उन्होंने सफलतापूर्वक सगरमाथा आरोहण पूरा किया।
काठमांडू लौटने के बाद शेर्पा ने कहा कि खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बीच अभियान पूरा करना आसान नहीं था। फिर भी पूरी टीम के सहयोग से यह संभव हो सका।
उन्होंने इस अभियान को सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि नेपाल की राष्ट्रीय पहचान और संसद की गरिमा से जुड़ा संदेश बताया।
मिङ्मा डेविड शेर्पा लंबे समय से हिमालयी अभियानों और पर्वतारोहण गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। इससे पहले भी वे कई पर्वतीय अभियानों में सक्रिय रहे हैं। हालांकि इस बार संसद का झंडा लेकर एवरेस्ट पहुंचने की वजह से उनकी चढ़ाई को प्रतीकात्मक और राजनीतिक रूप से भी देखा जा रहा है।
उन्होंने अभियान में सहयोग करने वाले सभामुख डोलप्रसाद अर्याल, संसद सचिवालय, सहयोगी टीम और शुभेच्छुओं का धन्यवाद दिया।
सगरमाथा की चोटी पर संसद के लोगो वाला झंडा लेकर खिंचवाई गई तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने उन्हें बधाई दी है।