दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच संवेदनशील समुद्री सीमा के पास गश्त के दौरान लापता हुए दक्षिण कोरियाई नौसैनिक का शव सोमवार सुबह समुद्र से बरामद कर लिया गया। करीब एक दिन तक चले खोज अभियान के बाद उसका शव उसी इलाके के पास मिला, जहां से वह गायब हुआ था।
नौसेना के मुताबिक, गश्ती नौका ने सोमवार सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर गांगवोन प्रांत के गोजिन से करीब 52 किलोमीटर पूर्व समुद्र में शव देखा। इसके बाद रबर की बचाव नौका भेजी गई और सुबह 6 बजकर 43 मिनट पर शव बाहर निकाला गया।
मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। नौसेना ने केवल इतना बताया है कि वह ‘सीमैन अप्रेंटिस’ रैंक का जवान था।
ड्यूटी पर नहीं पहुंचा तो शुरू हुई तलाश
नाविक रविवार सुबह निगरानी ड्यूटी पर नहीं पहुंचा था। इसके बाद जहाज पर उसकी तलाश की गई, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। उस समय जहाज गोजिन से करीब 50 किलोमीटर दूर नॉर्दर्न लिमिट लाइन यानी एनएलएल के पास गश्त कर रहा था।
सूचना मिलते ही दक्षिण कोरियाई नौसेना और तटरक्षक बल ने संयुक्त अभियान शुरू किया। करीब 10 जहाजों और हवाई साधनों को तलाश में लगाया गया।
अधिकारियों को आशंका थी कि समुद्री बहाव के कारण नाविक उत्तर कोरिया के नियंत्रण वाले इलाके में पहुंच सकता है। इसी वजह से खोज का दायरा समुद्री सीमा तक बढ़ाया गया था।
शव को एक फ्रिगेट के जरिए दक्षिण कोरिया के पूर्वी तट पर स्थित डोंगहे नौसैनिक अड्डे ले जाया जा रहा है। जिस जहाज पर जवान तैनात था, वह भी सोमवार सुबह अड्डे पर लौट आया।
जहाज से कैसे गायब हुआ, अभी साफ नहीं
नाविक जहाज से समुद्र में कैसे पहुंचा, इसे लेकर अभी कोई साफ जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी पता नहीं चला है कि जहाज के भीतर कोई घटना हुई थी या वह किसी वजह से पानी में गिर गया।
सेना की जांच इकाई और नागरिक पुलिस मिलकर मामले की जांच करेंगी। अधिकारी जहाज पर मौजूद जवानों से पूछताछ करने के साथ निगरानी रिकॉर्ड और दूसरे सबूतों की भी जांच करेंगे।
पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच के बाद ही मौत के समय और परिस्थितियों के बारे में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
उत्तर कोरिया से भी मांगी गई थी मदद
घटना सीमावर्ती समुद्री इलाके में हुई थी। दक्षिण कोरिया ने रविवार को ही उत्तर कोरिया से मानवीय आधार पर खोज में सहयोग मांगा था।
यह संदेश अंतरराष्ट्रीय कारोबारी जहाजों के लिए इस्तेमाल होने वाले संचार माध्यम से भेजा गया। सोल ने कहा था कि नाविक उत्तर कोरियाई क्षेत्र में मिला तो उसे सुरक्षित वापस भेजा जाए।
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि प्योंगयांग की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
दोनों देशों के बीच नियमित संपर्क के रास्ते लंबे समय से बंद हैं। ऐसे में समुद्री सीमा के आसपास होने वाली छोटी घटना भी सुरक्षा और कूटनीति के लिहाज से गंभीर मानी जाती है।
विवादित समुद्री सीमा के पास हुई घटना
नॉर्दर्न लिमिट लाइन को दक्षिण कोरिया दोनों देशों के बीच वास्तविक समुद्री सीमा मानता है। उत्तर कोरिया इसे स्वीकार नहीं करता। इस क्षेत्र में पहले भी दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच तनाव और झड़पें हो चुकी हैं।
इसी वजह से नाविक के लापता होने के बाद यह चिंता भी बढ़ी कि कहीं वह समुद्री सीमा पार कर उत्तर कोरिया के इलाके में न पहुंच गया हो।
मौजूदा मामले ने वर्ष 2020 की एक गंभीर घटना की याद भी दिलाई है। उस समय दक्षिण कोरिया के मत्स्य मंत्रालय का एक कर्मचारी पश्चिमी तट पर गश्ती जहाज से लापता हो गया था। बाद में वह उत्तर कोरियाई क्षेत्र में पहुंचा, जहां उत्तर कोरियाई सैनिकों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
उस घटना के बाद उत्तर कोरिया ने असामान्य कदम उठाते हुए माफी मांगी थी।
बातचीत की कोशिशों के बीच बढ़ी संवेदनशीलता
पिछले कुछ वर्षों में दोनों कोरियाई देशों के रिश्ते फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ कई संचार संपर्क बंद कर दिए हैं। सैन्य गतिविधियों और राजनीतिक बयानों ने भी अविश्वास बढ़ाया है।
जून 2025 में पद संभालने वाले दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युङ ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत शुरू करने और भरोसा बहाल करने की कोशिश की है। हालांकि प्योंगयांग ने अब तक सोल के प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ऐसे माहौल में समुद्री सीमा के पास एक नौसैनिक की मौत केवल सैन्य जांच का मामला नहीं रह गई है। दक्षिण कोरियाई अधिकारी इस बात पर भी नजर रख रहे हैं कि घटना का दोनों देशों के पहले से तनावपूर्ण संबंधों पर कोई असर पड़ता है या नहीं।